नगर निगम के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले अनुभाग में तैनात कर्मचारी केवल ओटीपी बताने की ड्यूटी कर पा रहा है। नगर निगम के चारों जोनल कार्यालयों में जब भी कोई कर्मचारी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन या फिर उसमें संशोधन का प्रयास करता है, तो ओटीपी कर्मचारी के मोबाइल पर पहुंचता, यह ओटीपी दिन भर एक-दो नहीं बल्कि करीब सौ बार से अधिक बार पहुंचता है। यह कर्मचारी ओटीपी संबंधित कर्मचारी को बताता है, जिसके बाद प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी हो पाती है। इससे न सिर्फ निगम कार्यालय का काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि जोनल कार्यालयों में भी प्रमाणपत्र बनाने में देरी हो रही है। मामले में पूर्व में एनआईसी को लिखा गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
Iसभी जोनल कार्यालयों में लिंक है नंबर
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लोगों को प्रमाणपत्र बनवाने में समस्या न हो और उन्हें नगर निगम न आना पड़े, इसके लिए शहर में चार जगह जोनल कार्यालय हर्रावाला, राजपुर रोड, मोथरोवाला व आरकेडिया बनाए गए थे। प्रमाणपत्रों में पारदर्शिता और गड़बड़ी को रोकने के लिए ओटीपी की व्यवस्था बनाई गई है। इसके लिए मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना के ही लॉगिन का प्रयोग सभी कार्यालयों में किया जा रहा है। डॉ. खन्ना की जगह ओटीपी के लिए नगर निगम के एक कर्मचारी का नंबर दिया गया है। जोनल कार्यालयों में बैठे सभी कर्मचारी जब अपने-अपने यहां प्रमाणपत्र बनाने या फिर उसको संशोधित करते हैं तो ओटीपी निगम कार्यालय में तैनात कर्मचारी के मोबाइल पर जाता है, उसके बाद जोनल कार्यालय से लिपिक को फोन कर ओटीपी पूछा जाता है, जब संबंधित लिपिक ओटीपी बताता है, उसके बाद प्रक्रिया पूरी हो पाती है।
Iलगता है समय, कई बार नहीं उठ पाता फोन तो होती है देरी
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जब भी जोनल कार्यालय में ऑपरेटर ओटीपी पूछने के लिए नगर निगम कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर को फोन करता है, फोन रिसीव हो जाता है, लेकिन कई बार या तो निगम में तैनात कर्मी स्वयं प्रमाणपत्र बनाने के लिए काम कर रहा होता है या फिर कोई विभागीय कामकाज में व्यस्त रहता है या किसी दिन अवकाश पर रहता है तो प्रमाण पत्र बनाने में दिक्कत आती है। इस कर्मचारी के पास 100 से अधिक बार ओटीपी मोबाइल पर पहुंचता है।
कुछ तकनीकी समस्या है। कही भी लॉगिन पर काम होगा तो ओटीपी एक ही मोबाइल नंबर पर आएगा। बार-बार एक ही नंबर पर ओटीपी आ रहा है, जिससे समस्या खड़ी हो रही है। पूर्व में एनआईसी को पत्र लिखकर समस्या के समाधान करने का अनुरोध किया गया था। पुन: स्मरण पत्र लिखा जाएगा।
- डाॅ. अविनाश खन्ना, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी