वहीं, जौरासी गांव निवासी अय्यूब अहमद 11 मार्च को निजामुद्दीन मरकज में गए थे। इसके बाद 14 मार्च को अजमेर और फिर दोबारा 18 मार्च निजामुद्दीन मरकज पहुंचे थे। इसके बाद वह अगले दिन गांव पहुंचे थे। एसपी देहात ने बताया कि दोनों ने घर में छिपने और अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने का अपराध किया है।
दोनों के खिलाफ (आईपीसी 307) हत्या का प्रयास, (आईपीसी 336) किसी कार्य द्वारा, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो वह काम करना और धारा 188 के तहत केस दर्ज किया गया है। एसपी देहात ने बताया कि दोनों को क्वारंटीन किया गया है। इनके परिजनों को भी होम क्वारंटीन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों के सैंपल लेकर जांच को भेजे हैं।
एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि दोनों जमातियों के संपर्क में आने वाले लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। साथ ही इनके परिजनों के संपर्क में जो लोग आए हैं, उनकी भी पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि जो लोग जमातियों की सूचना पुलिस को देंगे उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।