...तो क्या तनाव में शावकों को खा गई बाघिन
कॉर्बेट पार्क के ढेला रेस्क्यू सेंटर में बाघिन के तीन शावकों निवाला बना लेने को वन विभाग तनाव को बड़ा कारण मान रहा है। बताया जा रहा है कि बाघिन का स्वभाव काफी आक्रामक है। वनकर्मी उसके व्यवहार पर नजर बनाए हुए हैं।
पशु चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि जू या चिड़ियाघर में रहने वाले बाघ या बाघिन तनाव में रहते हैं। दरअसल, उनको जंगल का वातावरण नहीं मिलता। ऐसे में वे खुद को बंधा महसूस करते हैं और हमेशा तनाव में देखे गए। ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखी गई बाघिन भी तनाव में है और इसी तनाव में वह अपने शावकों को खा गई। ऐसा व्यवहार बाघों में आम होता है।
यह बाघिन 22 मई को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ रेंज में रेस्क्यू की गई थी। उसके पेट में तार धंसा हुआ था, लेकिन बाघिन पूरी तरह स्वस्थ है। पेट में घुसे तार को निकालने के लिए 19 जुलाई को एनटीसीए, डब्लूआईआई व पंतनगर विवि के पशु चिकित्सक की टीम ने जांच पड़ताल की।
ढेला रेस्क्यू सेंटर में सीसीटीवी लगाए गए हैं। बाघिन के बदलते व्यवहार पर नजर रखी जा रही है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही बाघिन के पेट से धंसे तार को निकालने के लिए सर्जरी की जाएगी।
- डॉ. धीरज पाण्डेय, निदेशक कॉर्बेट टाइगर रिजर्व