अपहरण कर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को न्यायालय ने 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। स्पेशल पॉक्सो जज मीना देऊपा की अदालत ने दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने होंगे।
शासकीय अधिवक्ता अल्पना थापा ने बताया कि मुकदमा वर्ष 2019 में प्रेमनगर पुलिस ने दर्ज किया था। एक महिला ने पुलिस से शिकायत की थी कि उनकी बेटी कक्षा सात में पढ़ती है। पड़ोसन उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाती है। महिला का बेटा उसके साथ दुष्कर्म करता है। एक दिन वह स्कूल से आ रही थी तो पड़ोसन का बेटा श्याम सिंह उसे अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने उसके एक दोस्त पर भी आरोप लगाया।
आरोप है कि श्याम सिंह ने पीड़िता के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। इस आधार प्रेमनगर पुलिस ने श्याम सिंह, उसकी मां और दोस्त के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया था। लेकिन, विवेचना के दौरान श्याम सिंह की मां और उसके दोस्त के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला था। इस आधार पर अदालत में ट्रायल केवल श्याम सिंह के खिलाफ ही चला। अभियोजन ने सात गवाह पेश किए।
अदालत ने शनिवार को श्याम सिंह को दुष्कर्म और अपहरण का दोषी पाया। जबकि, जान से मारने की धमकी और मारपीट के मामले में उसे दोषमुक्त कर दिया। उसे अपहरण के दोष में तीन साल और 10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई। जबकि, दुष्कर्म के दोष में उसे 25 वर्ष कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।