षड्यंत्र का पर्दाफाश
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों की माने तो साजिशकर्ताओं ने मंत्री को मारने के लिए सड़क दुर्घटना करना चाह रहे थे। हत्या के बाद सड़क दुर्घटना भी दर्शाने की योजना थी। पिछले दिनों हीरा सिंह मंत्री से मिलने उनके सितारगंज स्थित आवास पर आया था। हीरा सिंह मंत्री से किसी व्यक्ति की मदद से काम के सिलसिले में मिला था। उनकी काफी देर तक बातचीत भी हुई थी।
माना जा रहा कि यह हीरा सिंह और उसके साथियों की रेकी का हिस्सा हो सकता है। ताकि, किसी को इस हत्या का पता ही न चले, लेकिन इससे पहले ही इस षड्यंत्र का पर्दाफाश हो गया। इस संबंध में पुलिस अब गुड्डू और सतनाम के आपराधिक इतिहास की जानकारी कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, गुड्डू के बारे में बरेली पुलिस से जानकारी मांगी गई कि उसने वहां पर किसी ऐसी घटना को अंजाम दिया है या नहीं। या किसी प्रकार की योजना में शामिल रहा है। ऊधमसिंह नगर पुलिस ने मामले की जांच के लिए चार टीमों का गठन भी कर दिया है। यह टीमें कई दिशाओं में जांच करेंगी।
अक्सर खुद कार ड्राइव कर निकलते थे मंत्री
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के बारे में कहा जाता है कि वह कभी-कभार सुरक्षाकर्मियों के बिना ही कार ड्राइव कर निकल जाते थे। अक्सर उनका परिवार भी उनके साथ रहता था। हालांकि, अब उनके आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। माना जा रहा कि हीरा सिंह को इस बात का पता था कि मंत्री अकेले भी निकल जाते हैं। ऐसे में वह इसी बात की टोह लेने के लिए उनके आवास पर गया था।
मंत्री ने खुद भी जताई थी आशंका
सड़क दुर्घटना में हत्या करने की साजिश की बात कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा भी कह चुके हैं। उन्होंने बताया कि हीरा सिंह उनसे मिल चुका था। उन्हें आशंका है कि साजिशकर्ता उनकी हत्या सड़क दुर्घटना में करना चाहते थे। वह उनके निकलने का ही इंतजार कर रहे होंगे। इसके अलावा शूटरों की बात भी सामने आ रही है। इसकी जांच पुलिस कर रही है। मंत्री ने बताया कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। हीरा सिंह क्यों उनका दुश्मन बना, इस बारे में भी जानकारी नहीं है।
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इस मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। दूसरे राज्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। ऊधमसिंह नगर पुलिस को विभिन्न दृष्टिकोण से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
-डीआईजी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, प्रवक्ता उत्तराखंड पुलिस