शहर में 535 करोड़ रुपये की यूलिप परियोजना के तहत पेयजल और सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। परियोजना का काम जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन आवासीय पेयजल कनेक्शन देने का कार्य अभी से शुरू हो गया है। जबकि मुख्य बाजार और आसपास के छोटे बाजारों में व्यावसायिक कनेक्शन नहीं मिलने से व्यापारियों में रोष है।व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से जल संस्थान के पेयजल उपभोक्ता हैं। ऐसे में परियोजना के तहत बिछाई गई नई पेयजल लाइन से उन्हें भी व्यावसायिक कनेक्शन दिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि आवासीय कनेक्शन दिए जा रहे हैं, लेकिन दुकानदारों को इससे अलग रखा जा रहा है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि व्यावसायिक कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो वे परियोजना का काम बंद कराने के लिए आंदोलन करेंगे।उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) के अधिकारियों के मुताबिक परियोजना निर्माण के दौरान व्यावसायिक पेयजल कनेक्शन देने का प्रावधान नहीं है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जल संस्थान की ओर से कनेक्शन दिए जाएंगे और राजस्व भी जल संस्थान ही वसूल करेगा। पहले चरण में पुराने उपभोक्ताओं को नए व्यावसायिक कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को पुराने कनेक्शन का बिल प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद नए व्यावसायिक निर्माणों को कनेक्शन देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।