Iप्रदेश भाजपा ने दिल्ली में कांग्रेस के एसआईआर पर विरोध को लोकतंत्र कमजोर करने की साजिश करार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसे सांविधानिक प्रक्रिया पर प्रहार बताते हुए प्रश्न किया कि क्या दिवंगत और फर्जी लोगों को वोटर बनाने की कांग्रेसी मंशा देशद्रोह जैसी नहीं है? भट्ट ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के चुनाव आयुक्त बनने से पहले ही कांग्रेस लोकसभा चुनाव हार गई थी। फिर भी उन्हें गड़बड़ लगती है तो क्या केरल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और स्वयं राहुल, प्रियंका, खरगे सबका चयन फर्जी है? उन्होंने कांग्रेस की ओर से एसआईआर प्रक्रिया के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस की नीयत पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बौखलाहट साबित करती है कि वह लोकतंत्र की शुचिता और पारदर्शी मतदाता सूची के खिलाफ खड़ी है। भट्ट ने कहा कि जो लोग आज ज्ञानेश कुमार पर लोकसभा चुनाव में भाजपा को जिताने का बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, उन्हें थोड़ा तो सामान्य ज्ञान होना चाहिए। ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 में चुनाव आयोग के शीर्ष पद पर आए जबकि लोकसभा चुनाव 2024 में ही संपन्न हो चुके थे। जिस अधिकारी की उस समय पदस्थापना ही नहीं थी, उस पर आरोप लगाना कांग्रेस के मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है।I