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Dehradun News: नतीजों में कांग्रेस मजबूत, अब जिपं अध्यक्ष की कुर्सी पर नजर

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जिला पंचायत सदस्य के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। पछवादून और जौनसार बावर जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में निर्णायक साबित होते हैं। यहां जिला पंचायत की सबसे अधिक 23 सीट हैं। कांग्रेस के 10 और भाजपा के छह समर्थित प्रत्याशी जीत कर आए, वहीं सात निर्दलीय में से अधिकतर कांग्रेस पृष्ठभूमि के हैं। ऐसे में कांग्रेस फिलहाल संख्या बल के हिसाब से मजबूत स्थिति में है। अब कांग्रेस की नजर जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर है लेकिन आरक्षण ने कांग्रेस की रणनीति पर पानी फेर दिया। अब कांग्रेस में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मजबूत महिला दावेदार को तैयार करने पर मंथन चल रहा है।जिला पंचायत के चुनाव में फिर से दो दिग्गजों की साख दांव पर थी। चकराता विधायक प्रीतम सिंह के बेटे अभिषेक चौहान ने बृनाड बास्तिल से जिला पंचायत सीट जीत कर अपनी चुनावी यात्रा का आगाज किया। विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान भी कचटा सीट से फिर से चुनाव जीत गईं। अभिषेक चौहान को कांग्रेस और मधु चौहान को भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष का तय उम्मीदवार माना जा रहा था लेकिन आरक्षण अभिषेक चौहान की राह में रोड़ा बन गया। जिला पंचायत की सीट महिला आरक्षित हो गई। कांग्रेस में अब महिला दावेदार के नाम पर मंथन चल रहा है। चकराता से कांग्रेस समर्थित पांच, कालसी से दो और विकासनगर से तीन प्रत्याशी जीत कर आए हैं। भाजपा के लिए इस बार चुनावी परिणाम चौकाने वाले रहे हैं। भाजपा के अभेद किले कालसी और विकासनगर उसे बड़ा झटका लगा है। कालसी में भाजपा के हाथ से दो जिला पंचायत सीट रेत की तरह फिसल गई। यहां भाजपा को केवल तीन सीट मिली। विकासनगर में सात सीटों में तीन कांग्रेस के खाते में चली गई, जबकि इन सीटों से भाजपा ने मजबूत और अनुभवी प्रत्याशी चुनावी रण में उतारे थे। सहसपुर में सुद्धोवाला से भाजपा समर्थित प्रत्याशी जीत कर आई हैं। अन्य पांच सदस्य निर्दलीय है। यहां कांग्रेस ने किसी भी प्रत्याशी को समर्थन नहीं दिया था। चकराता में एक, विकासनगर दो और सहसपुर में चार निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। इनमें से अधिकतर की पृष्ठभूमि कांग्रेस की रही है, लेकिन मजबूत स्थिति में होते हुए भी कांग्रेस की नजर जिला पंचायत अध्यक्ष सीट के आरक्षण तय होने पर टिकी है। संवाद
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