4 अप्रैल- आईजी गढ़वाल की सरकारी गाड़ी में सवार तीन पुलिसकर्मियों ने राजपुर रोड पर प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार से नोटों से भरा बैग लूटा।
7 अप्रैल- प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार ने पुलिस अधिकारियों से मामले की शिकायत की।
8 अप्रैल- पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो घटना की परतें खुलती चली गईं।
9 अप्रैल- प्रापर्टी डीलर ने आरोपी पुलिसकर्मियों की शिनाख्त की।
10 अप्रैल- आईजी और एसएसपी ने उपलब्ध साक्ष्यों पर कई घंटे की मंत्रणा। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियाें को विश्वास में लेकर डालनवाला कोतवाली में दर्ज कराया मुकदमा।
11 अप्रैल- अपराध में आईजी की गाड़ी का इस्तेमाल करने के आरोप में दरोगा दिनेश नेगी, सिपाही हिमांशु उपाध्याय और मनोज अधिकारी के खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई।
12 अप्रैल- पुलिस मुख्यालय ने विवेचना जनपद पुलिस से लेकर एसटीएफ को सौंपी।
14 अप्रैल- एसटीएफ के सीओ कैलाश पंवार ने विवेचना ग्रहण की, डब्ल्यूआईसी क्लब के मैनेजर अर्जुन पंवार के बयान दर्ज किए।
15 अप्रैल- एसटीएफ ने कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा और तीन पुलिसकर्मियों से की पूछताछ।
16 अप्रैल- एसटीएफ ने लूट के आरोप को लेकर साक्ष्य एकत्रित कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
17 अप्रैल- अदालत ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल।
लूट के मामले में गिरफ्तार निलंबित दरोगा दिनेश नेगी ने मंगलवार रात डालनवाला कोतवाली की हवालात में बंद करने का विरोध किया। एसटीएफ ने पूछताछ के बाद गिरफ्तारी दर्शाकर सभी आरोपियों को डालनवाला कोतवाली भेज दिया था। उन्हें हवालात में बंद किए जाने लगा तो दिनेश नेगी ने एतराज जताया। वह हवालात में बंद करने के बजाय आफिस में बैठने की मांग कर रहे थे। कुछ देर की झिक-झिक के बाद चारों आरोपियाें को हवालात में बंद कर दिया गया।
कांग्रेसी नेता ने बैग में रकम से किया इंकार
एसटीएफ की हिरासत में कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा ने कहा कि बैग में फूटी कौड़ी नहीं थी। शिकायतकर्ता अनुरोध पंवार से उनकी दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इस दौरान उनका बैग छूट गया था। डब्लूआईसी क्लब से पंवार वही बैग लाए थे, जिसमें शराब की दो बोतलों के अलावा डाईफ्रूट और कपड़े रखे थे। बैग में कोई धनराशि नहीं थी।
दरोगा ने आरोप को बताया झूठा
निलंबित दरोगा दिनेश नेगी का कहना था कि उन पर लगाया गया लूट का आरोप सही नहीं है। दिनेश नेगी ने बताया कि उनके पास से किसी तरह की बरामदगी भी नहीं हुई है। सड़क पर विवाद जरूर हुआ था, जिसे वे पहले ही स्वीकार कर चुके थे।