आरटीओ डीसी पठोई ने बताया कि दून की सड़कों पर अधिक से अधिक सीएनजी वाली सिटी बसें, ऑटो, विक्रम संचालित हों और राजधानी में प्रदूषण का स्तर कम किया जा सके, इसके लिए सरकार और परिवहन मुख्यालय के निर्देश पर सीएनजी प्रोत्साहन नीति का मसौदा तैयार किया गया है।
नई दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे मेट्रो शहरों की तर्ज पर अब राजधानी में भी सीएनजी वाली सिटी बसें, ऑटो, विक्रम फर्राटा भरते नजर आएंगे। परिवहन विभाग ने सीएनजी प्रोत्साहन नीति का मसौदा तैयार किया है। जिसे जल्द ही संभागीय परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की बैठक में पारित कराने की तैयारी है।
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आरटीओ डीसी पठोई ने बताया कि दून की सड़कों पर अधिक से अधिक सीएनजी वाली सिटी बसें, ऑटो, विक्रम संचालित हों और राजधानी में प्रदूषण का स्तर कम किया जा सके, इसके लिए सरकार और परिवहन मुख्यालय के निर्देश पर सीएनजी प्रोत्साहन नीति का मसौदा तैयार किया गया है। इस मसौदे को जल्द ही होने वाली संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में पेश किया जाएगा। फिलहाल राजधानी में पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों का संचालन हो रहा, जिससे साल दर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ा है।
आरटीओ के मुताबिक, सीएनजी प्रोत्साहन नीति लागू न होने से सीएनजी आधारित सिटी बसों, आटो, विक्रम का पंजीकरण नहीं किया जा रहा था। मसौदे को अगर संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में पारित कर दिया जाता है तो भविष्य में सीएनजी आधारित सिटी बसों, आटो, विक्रम के पंजीकरण के साथ संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा। साथ ही सिटी बस, आटो, विक्रम संचालकों से अनुरोध किया जाएगा कि वे भी अपनी गाड़ियों में सीएनजी किट लगवा लेें।