फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chamoli Disaster: ग्राउंड जीरो पर सीएम धामी; आपदा प्रभावितों के आंसू पोछे...बंधाया ढांढस, हर मदद का दिया भरोसा

Sat, 20 Sep 2025 01:32 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली

सार

नंदानगर में आई भीषण आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। अब तक इस आपदा में लापता हुए 10 लोगों में से एक व्यक्ति को सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि सात लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। आज सीएम धामी आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे।
विज्ञापन
आपदा पीडि़तों से मिले सीएम धामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आपदा के बीच मुख्यमंत्री धामी ग्राउंड जीरो पर जटे हुए हैं। आज सीएम चमोली आपदा प्रभावित क्षेत्र नंदानगर पहुंचे। यहां आपदा के हालात का जायजा लेने के दौरान ही वह आपदा प्रभावितों से मिले। इस दौरान अपनी व्यथा सुनाते हुए एक महिला रो पड़ी। सीएम ने आपदा पीडितों के आंसू पोछे। ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।

विज्ञापन


शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर धामी चमोली आपदा प्रभावित क्षेत्र नंदानगर पहुंचे। यहां वह आपदा, राहत बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रभावित क्षेत्र फाली, कुंतरी, अन्य में सीएम सर्वे किया। इसके अलावा सीएम आपदा प्रभावित सभी लोगों से मिले।

शुक्रवार को फाली लगा कुंतरी क्षेत्र से मलबे से पांच शव और बरामद हुए हैं। अब तक इस आपदा में लापता हुए 10 लोगों में से एक व्यक्ति को सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि सात लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। धुर्मा गांव में अभी भी दो लोग लापता हैं जिनकी तलाश जारी है। बरामद किए गए सभी सात शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

आपदा में जान गंवाने वाले लोगों का शुक्रवार को नम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया। नंदानगर में नंदाकिनी और चुफला नदी के संगम पर यह प्रक्रिया पूरी की गई जहां सुबह से एक के बाद एक जलती चिताएं देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है।

ये भी पढे़ं...Chamoli: रोते-रोते यादों में खो जाते हैं...टूटे घरों को देख शिविरों में सो जाते हैं...दर्द बयां करती तस्वीरें

बृहस्पतिवार को नरेंद्र सिंह और जगदंबा प्रसाद के शव बरामद हुए थे। सुबह सबसे पहले नरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। जगदंबा प्रसाद के रिश्तेदार के न आने के कारण उनके शव को सुरक्षित रखा गया था। बाद में जब उनकी पत्नी भागा देवी का शव भी बरामद हो गया और रिश्तेदार पहुंचे तो दोनों पति-पत्नी का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद आपदा में मारे गए अन्य लोगों के शवों का भी संगम स्थल पर अंतिम संस्कार किया गया।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें