स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिंद्रियालाल का केदार मोक्षघाटी पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को गांधी पार्क में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को श्रद्धांजलि दी गई।
श्रद्धांजलि सभा में संयुक्त नागरिक संगठन के सचिव सुशील त्यागी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिंद्रियालाल ने श्रीदेव सुमन से प्रेरणा लेकर टिहरी रियासत को गुलामी की जंजीरों से निकलने के लिए संघर्ष किया। वक्ताओं ने कहा कि चिंद्रियालाल ने देश की आजादी के लिए ब्रिटिश हुकूमत से मोर्चा लिया था।
डॉ. मुनिराम सकलानी ने कहा आजादी के बाद भी उन्होंने सामाजिक समानता, डोला पालकी आंदोलन, शराबबंदी जैसे कुरीतियों को खत्म करने के लिए कई आंदोलन किए। निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के पर्व पर उनपर एक पुस्तक भी लिखी गई।
श्रद्धांजलि देने वालों में ब्रिगेडियर केजी बहल, मुकेश नारायण शर्मा, शशांक गुप्ता, प्रदीप कुकरेती, महिपाल सिंह रावत, दून सिख वेलफेयर सोसायटी के खुशवीर सिंह, ओमवीर सिंह, अनिल पैन्यूली, दीपचंद शर्मा, आरपीएस रावत, वीरेंद्र कुमार, शक्ति प्रसाद डिमरी, प्रमोद डोरा, अवधेश पंत, आशालाल टम्टा, एसपी चौहान, गोवर्धन शर्मा, ललित पंत आदि मौजूद रहे।