पुलिस अधीक्षक यातायात धीरेंद्र गुंज्याल ने स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नियमों की अनदेखी कर वाहनों में ठूस कर छात्रों को ले जाने की शिकायतों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। स्कूल प्रबंधनों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के हवाला देते हुए नियमों की कॉपी भेजी गई है। वाहनों की फिटनेस के अलावा चालकों का सत्यापन भी अभियान का हिस्सा रहेगा।
उन्होंने अभिभावकों से स्कूली वाहन चालकों का डीएल और आईडी स्वयं चेक करने के लिए कहा है, ताकि किसी तरह की आशंका ना रहे।
इन नियमों का करें पालन
- स्कूली बस के आगे और पीछे स्कूल का नाम लिखा होना जरूरी।
- स्कूली बस और वैन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे नहीं होंगे।
- स्कूली बस में फ र्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
- स्कूली बस की खिड़कियों पर लोहे के ग्रिल हॉरिजेंटल रूप से लगी हो।
- बस में आग बुझाने वाला यंत्र अवश्य होना चाहिए।
- बस चालक को कम से कम 10 साल का अनुभव होना चाहिए।
- स्कूली बैग सुरक्षित रखने को सीट के नीचे अलग मिले स्थान।
- कोई भी अभिभावक सुरक्षा व्यवस्था चेक करने को कर सकता है यात्रा।
Published By : Nirmala Suyal