साइबर ठगों ने तीन लोगों को अलग-अलग तरह से झांसा देकर तीन लाख रुपये की ठगी कर ली। तीनों मामलों में साइबर थाने की जांच के बाद पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर लिए हैं।
खुद को भांजा बता ठग लिए 2.20 लाख
रिस्पना रोड के रहने वाले देवेश गुप्ता ने पुलिस को बताया, पिछले दिनों उन्हें फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को उनका भांजा बताया। उसकी आवाज भी भांजे जैसी ही लग रही थी। उसने कहा कि वह विदेश जा रहा है और वीजा में कुछ गड़गबड़ी हो गई है। इसके लिए ट्रैवल एजेंट के खाते में कुछ रुपये जमा करने हैं। उनका भांजा भी विदेश जाने वाला था। यह सोचकर कि वह भांजा ही है, उन्होंने कथित ट्रैवल एजेंट के खाते में 2.20 लाख रुपये जमा कर दिए। इंस्पेक्टर डालनवाला नंद किशोर भट्ट ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर 40 हजार की ठगी
यह मामला शहर कोतवाली में दर्ज किया गया है। कोतवाल विद्याभूषण नेगी के अनुसार, चंदरनगर के रहने वाले संजय श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया, उन्होंने आरबीएल बैंक का क्रेडिट कार्ड लिया था। आवेदन के वक्त लिमिट तीन लाख रुपये देने की बात कही गई थी। कार्ड मिला तो यह 50 हजार रुपये ही थी। उन्होंने कार्ड एक्टिवेट नहीं किया। इस दौरान एक व्यक्ति से फोन पर बात हुई तो उसने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। क्रेडिट कार्ड की जानकारी ली। इसके बाद खाते से 40 हजार की रकम ट्रांसफर कर ली।
अस्पताल का कर्मचारी बन महिला से ठगे 60 हजार
खुद को अस्पताल का कर्मचारी बताकर महिला को अपाइंटमेंट दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने 60 हजार रुपये ठग लिए। एसओ रायपुर कुंदन राम ने बताया, सहस्रधारा रोड निवासी जागृति के अनुसार, उनकी तबीयत कुछ दिनों से खराब चल रही थी। उन्होंने शहर के एक अस्पताल में दिखाने के लिए अपाइंटमेंट लेना चाहा। इंटरनेट पर खोजने पर एक नंबर मिला। उस व्यक्ति ने खुद को अस्पताल का कर्मचारी बताया। शुरुआत में कहा, उन्हें टोकन लेना होगा। इसके लिए उसने एक फॉर्म भेजा। इस पर सारी डिटेल भरवाई। कुछ देर बाद ही उनके खाते से 60 हजार रुपये निकल गए। साइबर थाने की जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।