जनपद रुद्रप्रयाग में बीती रात्रि हुई मूसलाधार बारिश से गांवों में आवासीय भवनों व गोशाला को नुकसान की सूचना है। घरों के आंगन, सीढ़ी, शौचालय धंसने की सूचना है।
अचानक चट्टान टूटने से एक परिवार बाल-बाल बचा
यमुनोत्री हाईवे पर खनेडा पुल के पास चटख धूप में अचानक चट्टान टूटने से एक परिवार बाल-बाल बचा। आधा दर्जन आवासीय भवन व होटल खतरे की जद में हैं।
भूस्खलन से बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह हुआ खतरनाक
भूस्खलन और भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह खतरनाक बना हुआ है, जिससे धाम जाने वाले यात्रियों को रुक-रुककर जाना पड़ रहा है। इससे श्रद्धालुओं का यात्रा शेड्यूल ही बिगड़ रहा है।
कुहेड़, भनेरपाणी, पागल नाला और लामबगड़ में हाईवे पर आवाजाही बेहद खतरनाक बनी हुई है। कुहेड़ और भनेरपाणी में ऑलवेदर रोड की हिल कटिंग से भूस्खलन हो रहा है। पीपलकोटी से करीब छह किमी की दूरी पर स्थित पागल नाले में बारिश होने पर मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ रहे हैं, जिससे दलदल बन गया है।
ऋषिकेश के शूरवीर सिंह ने बताया कि 27 जुलाई को बदरीनाथ धाम के लिए ऋषिकेश से निकला था। धाम पहुंचने में चार दिन लग गए। पीपलकोटी बंड विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह का कहना है कि बरसात में ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य रोक देना चाहिए।
इधर, एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि भारी बारिश के कारण हाईवे पर जगह-जगह मलबा आ रहा है। हाईवे को शीघ्र खोलने के लिए पर्याप्त मशीनें व मैन पावर तैनात किया गया है।