चरस तस्करी के आरोप में शनिवार रात पकड़े गए नेपाली को रविवार सुबह बनबसा पुलिस जिला न्यायालय ले जा रही थी। टनकपुर से करीब 9 किमी दूर बस्टिया के पास वह लघुशंका का बहाना कर जीप से उतर कर जंगल की ओर फरार हो गया। पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं।
बनबसा पुलिस ने शनिवार को बैलबंद्धगोठ के पास चेकिंग के दौरान नेपाल के बजांग जिले के आरोपी गणेश बोरा से साढ़े पांच किलो चरस पकड़ी थी। पुलिस रविवार को आरोपी को यात्री जीप में कोर्ट में पेश करने के लिए चंपावत ले जा रही थी। बस्टिया के पास आरोपी ने पुलिस से लघुशंका की बात कही।
इस पर पुलिस ने जीप रोककर जैसे ही उसे नीचे उतारा वह पुलिस को चकमा देकर वहां से जंगल की ओर से फरार हो गया। पुलिस उसके पीछे दौड़ी तो उसने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से पुलिस कर्मी हतप्रभ रह गए।
एसपी धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि बनबसा, टनकपुर और चल्थी की पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं। खबर लिखे जाने तक आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका था। एसपी का कहना है कि आरोपी के खिलाफ अब पुलिस अभिरक्षा से फरार होने का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। साथ ही चरस तस्कर को ले जा रही दरोगा राधिका भंडारी और कांस्टेबल कपूर पाल व भवान सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी पुलिस अभिरक्षा से भागे हैं कैदी
आरोपियों को अदालत में लाते वक्त फरार होने की यह चंपावत जिले की पहली वारदात नहीं है। इससे पूर्व 2005 में टिपन टॉप से भी एक आरोपी कोर्ट लाते वक्त पुलिस कर्मियों को गच्चा देकर भाग गया था। इसके अलावा 2004 में लोहाघाट न्यायिक बंदीगृह से दो विचाराधीन कैदी फरार हुए थे जिन्हें बाद में दबोच लिया गया था।