विजयदशमी के पावन पर्व पर शीतकाल के गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने की तिथि घोषित की गई। अन्नकूट पर्व पर 26 अक्तूबर को गंगोत्री, भैयादूज पर यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट बंद किए जाएंगे। 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे।
पंचकेदार में तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट सात नवंबर और द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट 18 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद आराध्य की शीतकालीन पूजा-अर्चना ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ और मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में होगी।
विजयदशमी के पर्व पर पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विशेष पूजा-अर्चना के साथ मद्महेश्वर के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की तिथि तय की गई। आचार्य विश्वमोहन जमलोकी ने पंचांग गणना के आधार पर 18 नवंबर को द्वितीय केदार के कपाट बंद होने का दिन तय कर घोषित किया। उसी दिन डोली धाम से ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए गौंडार पहुंचेगी। 19 नवंबर को रांसी, 20 को गिरिया और 21 को ओंकारेश्वर मंदिर में पहुंचेगी।
उधर, मर्कटेश्वर मंदिर मक्कू में हक-हकूकधारी आचार्य विजय भारत मैठाणी ने मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी की मौजूदगी में तुंगनाथ के कपाट बंद करने की तिथि घोषित की गई। सात नवंबर को तुंगनाथ के कपाट बंद होने के बाद डोली मर्कटेश्वर मंदिर मक्कू के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए भूतनाथ मंदिर चोपता पहुंचेगी। 8 को डोली भनकुंड में रात्रि प्रवास होगा। 9 को बाबा तुंगनाथ अपनी शीतकालीन गद्दीस्थल मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में विराजमान होंगे।
धाम तीर्थयात्रियों की संख्या(लाख में)