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Char Dham Yatra 2020: यमुनोत्री हाईवे का 30 मीटर हिस्सा तबाह, चारों धाम के यात्रा मार्ग बंद, बड़कोट में बारिश से तबाही

Thu, 20 Aug 2020 07:13 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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चार धाम यात्रा 2020: कुपडा गांव में बादलों ने तबाही मचा दी - फोटो : amar ujala
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उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने राज्य के पहाड़ी इलाकों को बेहाल किया हुआ है। राज्य में मौजूद चारों धाम के यात्रा मार्ग मलबा आने से अवरुद्ध हैं। एनएच की जेसीबी मशीनें मार्ग सुचारू करने में जुटी हुई हैं। वहीं मार्ग बंद होने से यात्रियों को खासी परेशानी हो रही है।

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यमुनोत्री हाईवे का 30 मीटर हिस्सा तबाह
रातभर हुई भारी बारिश के कारण गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे समेत जिले के दो दर्जन मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं। भूस्खलन से सिलाई बैंड में यमुनोत्री हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है, जिससे धाम समेत गीठ व ओजरी क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गांवों का बड़कोट तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
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मंगलवार शाम से रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़, कुथनौर, ओजरी डबरकोट व बाडिया गांव के निकट भारी भूस्खलन होने के साथ ही सिलाई बैंड में हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा तबाह हो गया। बारिश के कारण विद्युत लाइन टूट गई है, जिससे क्षेत्र में दो दिन से आपूर्ति ठप है।

इधर, गंगोत्री हाईवे भी स्वारीगाड़ व बार्सू बैंड के पास भूस्खलन होने से बाधित रहा। हालांकि बीआरओ कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत कर बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे तक हाईवे पर आवाजाही सुचारु कर दी है। इसके अलावा कमद-अयांरखाल, ज्ञानसू-साल्ड, चिन्यालीसौड़-जोगत, बनचौरा-बनगांव, छैजुला-कोटधार, गंगोरी-संगमचट्टी, राजगढ़ी-सरनौल, कुंसाला-कुपड़ा, हनुमानचट्टी-खरसाली व पुरोला-खलाड़ी समेत कुल 22 मोटर मार्ग अवरुद्ध हैं। 

अतिवृष्टि से सक्रिय हुए भूस्खलन के कारण यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे सहित कुल 24 सड़कें अवरुद्ध हुई थीं। गंगोत्री हाईवे सहित कई अन्य संपर्क मोटर मार्गों पर यातायात बहाल कर लिया गया है, जबकि यमुनोत्री हाईवे सहित कुछ अन्य सड़कों पर यातायात बहाली के प्रयास चल रहे हैं। यमुनोत्री हाईवे का एक हिस्सा ध्वस्त होने से यातायात बहाली में समय लगेगा। 
-देवेंद्र पटवाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी उत्तरकाशी।
 

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भूस्खलन से बुधवार को दिनभर बंद रहा गौरीकुंड हाईवे

केदारघाटी में मूसलाधार बारिश के कारण रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे बुधवार को जगह-जगह भूस्खलन व भूधंसाव के कारण दिनभर बंद रहा। बांसवाड़ा व डोलिया मंदिर के समीप हाईवे की स्थिति बदहाल हो गई है।

मंगलवार रात हुई बारिश के कारण गौरीकुंड हाईवे बांसवाड़ा, भीरी, डोलिया मंदिर, सीतापुर, मुनकटिया और गौरीकुंड बड़ी पार्किंग के समीप पहाड़ी से भूस्खलन व भूधंसाव के कारण बंद हो गया था। बुधवार सुबह एनएच व कार्यदायी संस्था ने मलबा हटाने का प्रयास किया,  लेकिन रुक-रुककर होती बारिश के कारण हाईवे नहीं खुल पाया।

लोगों का कहना है कि ऑल वेदर रोड निर्माण के दौरान पानी की निकासी के लिए व्यवस्था नहीं की गई, जिससे हल्की बारिश में भी दुकानों व घरों में पानी घुस रहा है। डोलिया मंदिर में हाईवे पर भूधंसाव खाट गांव के नीचे तक पहुंच चुका है, जिससे कई मकानों व गोशाला को खतरा हो गया है।

एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हाईवे के संवेदनशील जोन का बरसात के बाद प्राथमिकता से ट्रीटमेंट किया जाएगा। अभी हाईवे पर मशीनें तैनात हैं, ताकि बंद होने पर हाईवे तुरंत खोला जा सके।
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