ये अध्ययन करेगा आदित्य
भारत का महत्वाकांक्षी सौर मिशन आदित्य एल 1 सौर कोरोना की बनावट और इसके तपने की प्रक्रिया, कोरोना के तापमान, सौर विस्फोट और सौर तूफान के कारण और उत्पत्ति, कोरोना और कोरोनल लूप प्लाज्मा की बनावट, वेग और घनत्व, कोरोना के चुंबकीय क्षेत्र की माप, कोरोनल मास इजेक्शन की उत्पत्ति, विकास और गति, सौर हवाएं और अंतरिक्ष के मौसम को प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन करेगा।
पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है चांद का एक दिन
यह एक रोचक और महत्वपूर्ण तथ्य है कि चांद का एक दिन पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है। चंद्र मिशन की सारी रणनीति इसके अनुसार बनाई गई है। रोवर प्रज्ञान में लगे सौर पैनल सूर्य के प्रकाश से ही ऊर्जा प्राप्त करेंगे और इसका जीवनकाल केवल पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होगा जो चांद के एक दिन के बराबर है। डाॅ. शशि भूषण पांडे ने बताया कि चांद की रात्रि भी पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होगी। इस दौरान रोवर के आसपास का तापमान शून्य से दो सौ डिग्री तक नीचे चला जाएगा। यदि इसके उपकरण इस भीषण ठंड से खराब हो गए तो उसके बाद ये काम नहीं कर पाएगा। अन्यथा 14 दिन बाद फिर सक्रिय हो भी सकता है।