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Tunnel Accident: एक और शव बरामद, दो की तलाश जारी, मृतकों के परिजनों को पांच लाख और घायलों को एक लाख देगा THDC

Sat, 15 Aug 2026 10:11 AM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली

सार

टीएचडीसी की 444 मेगावाट वाली पीपलकोटी विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना में बृहस्पतिवार शाम को हुआ हादसा एक खौफनाक मंजर था। वहां पर एक नहीं बल्कि तीन बार भूस्खलन होने की बात सामने आई है। दूसरी बार के मलबे ने सबसे अधिक नुकसान किया।
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चमोली टनल हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद लापता श्रमिकों की तलाश और बचाव अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू अभियान के दौरान आज एक और श्रमिक का शव टनल से बरामद किया गया। लापता दो अन्य श्रमिकों की तलाश अभी जारी है। रेस्क्यू टीमें टनल के अंदर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। अभियान के साथ ही टनल में जमा पानी को बाहर निकालने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।

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पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप समेत अन्य जरूरी उपकरणों की मदद ली जा रही है। इसका उद्देश्य टनल के अंदर रेस्क्यू टीमों की आवाजाही को आसान बनाना और संभावित स्थानों तक पहुंचकर लापता श्रमिकों की तलाश करना है। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और संबंधित विभागों की टीमें आपसी समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार मौके पर संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन ने लापता दोनों श्रमिकों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सभी संभावित स्थानों पर सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है और रेस्क्यू टीमें श्रमिकों तक पहुंचने के लिए पूरी तत्परता से काम कर रही हैं।

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टनल हादसे में मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को एक लाख देगा टीएचडीसीआईएल
विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टेल रेस टनल में 13 अगस्त को हुई दुर्घटना के बाद टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने मृतकों और घायलों के लिए अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। कंपनी प्रत्येक मृतक श्रमिक के निकटतम परिजन को 5 लाख रुपये और प्रत्येक घायल श्रमिक को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी। टीएचडीसीआईएल प्रबंधन ने हादसे में हुई जनहानि पर दुख जताते हुए दिवंगत श्रमिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। कंपनी ने कहा कि इस मुश्किल समय में वह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

सुरक्षा से समझौता नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हादसे के बाद बचाव और खोज अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, फंसे 22 कर्मचारियों में से अधिकांश को रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि दो लोगों की तलाश अभी जारी है। सात लोगों को मौत की पुष्टि प्रशासन की ओर से कर दी गई थी। आज एक और शव बरमाद हुआ है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और उत्तराखंड सरकार का जिला प्रशासन मौके की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बचाव दल टनल में फंसे शेष लोगों तक पहुंचने के लिए अभियान चला रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में हादसे के कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी सावधानियों का पता लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी निर्माण परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को कल ही आवश्यक निर्देश जारी किए थे। कहा कि सुरक्षा के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। 

 

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टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू अभियान जारी, मंत्री मदन कौशिक ने लिया जायजा

हाट-सियासैण, मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। शनिवार को आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान का जायजा लिया और अधिकारियों से इसकी प्रगति की जानकारी ली। मंत्री ने रेस्क्यू टीमों को सभी उपलब्ध संसाधनों और मशीनरी का बेहतर समन्वय करते हुए अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टनल में फंसे हर श्रमिक की जान बेहद महत्वपूर्ण है और सभी को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की प्राथमिकता है।

शनिवार को रेस्क्यू के दौरान श्रमिक देवनाथ को टनल से बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रशासन के अनुसार, कुल 22 श्रमिकों में से 12 को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि आठ श्रमिकों की मौत हो चुकी है और दो श्रमिकों की तलाश जारी है।

मंत्री ने टनल से पानी निकालने, मशीनरी और तकनीकी संसाधनों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने रेस्क्यू टीमों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और जल निकासी का काम तेज करने के निर्देश दिए।

मदन कौशिक ने कहा कि सरकार रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को श्रमिकों के परिजनों को समय-समय पर सही और प्रमाणिक जानकारी देने के निर्देश भी दिए। मौके पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश समेत संबंधित अधिकारी और रेस्क्यू टीमों के सदस्य मौजूद रहे।

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