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चमोली सुरंग हादसा: टनल हादसे में दो और शव मिले, दस हुई मृतक संख्या, 117 घंटे तक चला बचाव अभियान

Tue, 18 Aug 2026 02:44 PM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली

सार

टीएचडीसी टनल में जारी रेस्क्यू अभियान के तहत टीम ने लापता दो और श्रमिकों के शव बरामद कर लिए हैं। टनल फंसे 22 श्रमिकों फंसे थे।
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चमोली सुरंग हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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टीएचडीसी की पीपलकोटी-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की टनल में हुए हादसे में लापता सभी श्रमिकों को निकाल लिया गया है। मंगलवार को लापता दोनों मजदूरों के शव बरामद होने के साथ ही बचाव अभियान पूरा हो गया। इस दुर्घटना में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है।

यह हादसा 13 अगस्त की शाम करीब 6:30 बजे निर्माणाधीन टनल के करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर हुआ था। भारी भूस्खलन और पहाड़ी से पानी के रिसाव के कारण 22 श्रमिक फंस गए थे। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू अभियान चलाया गया, जिसमें 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया था।

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पहले दिन चार श्रमिकों के शव मिले, जबकि 14 अगस्त को तीन अन्य शव मिले। 15 अगस्त को एक और श्रमिक का शव मिला था। मंगलवार को सुबह एक शव और दोपहर में दूसरा शव भी मिल गया। इनकी पहचान लुकासा टोपनों (31) और चेतन पोयाम के रूप में हुई है। लुकासा झारखंड के और चेतन छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे।

कठिन परिस्थितियों में चला बचाव अभियान

टनल में 117 घंटे तक लगातार बचाव अभियान चलाया गया। टनल के अंदर भारी मात्रा में पानी और कीचड़ जमा था, जिसे निकालने के लिए पंपों का उपयोग किया गया। रेस्क्यू टीम ने कीचड़ और पानी के बीच सर्च अभियान जारी रखा। अंदर फंसी मशीनों को भी बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान विकट परिस्थितियों में बारी-बारी से अंदर जाकर अभियान चलाते रहे। जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने बताया कि हादसे में कुल 10 लोगों की मौत हुई है।

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बड़ी परियोजनाओं पर रोक की मांग

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय प्रवक्ता सत्य प्रकाश सती ने पहाड़ों में हाइड्रो प्रोजेक्ट को तुरंत बंद करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां मौत का प्रोजेक्ट बन गई हैं और पहाड़ खोखले हो चुके हैं। सती के अनुसार, इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं, बल्कि केवल नुकसान हो रहा है।

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