मॉडिफाइड डिब्बे ने बड़ा हादसा होने से टाला
टनल के अंदर चलने वाली लोको ट्रेन में जरूरत के अनुसार छह से आठ डिब्बे लगाए जाते हैं। कंपनी ने सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन के शुरुआती इंजन वाले डिब्बे को मॉडिफाइड कर मजबूत लोहे की चादर व ग्रील लगाई हैं। इस कारण ट्रेनें जब आपस में टकराईं तो डिब्बों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। सामान्य डिब्बे होते तो वे ज्यादा डैमेज हो सकते थे और हादसा और भी भयानक हो सकता था। श्रमिक यूनियन के उपाध्यक्ष गोपाल सिंह नेगी ने बताया कि लोको ट्रेन को हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से मॉडिफाइड किया गया है। यही कारण रहा कि ट्रेनों की टक्कर के बाद हुए हादसे में अधिक नुकसान नहीं हुआ। संवाद
अस्पताल में ये श्रमिक हैं भर्ती
जिला अस्पताल में गुरु सेवक सिंह (38) पुत्र माखन सिंह निवासी तरनतारन पंजाब, अनुज कुमार (26) पुत्र दालचंद मुरादाबाद यूपी, राजीत (21) पुत्र राजू लखीमपुर खीरी यूपी, एजाज हुसैन भट, (38) पुत्र मो. रमजान डोडा जम्मू कश्मीर, शंकर दास (44) पुत्र भगवान दास निवासी कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, बलजिंदर सिंह (38) पुत्र केवल कृष्णा जालंधर पंजाब, संतोष पाल्लई (36) कपिल पल्लई केंद्रपाड़ा ओडीसा, मलकित सिंह (31) पुत्र सुरजीत सिंह, कपूरथला पंजाब शामिल हैं।