लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण ज्योर्तिमठ के किमाना गांव के ऊपर पहाड़ी क्षेत्र से भारी मात्रा में मलबा नीचे आ गया है। मलबे के साथ-साथ पानी का बहाव भी गांव में घुस गया, जिससे ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के इस सैलाब ने जहां गांव के रास्तों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, वहीं ग्रामीणों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। भूस्खलन और जलभराव के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से दो परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।
मंडलायुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा राहत कार्यों में तेजी लाने के साथ अवरूद्ध सड़कों को प्राथमिकता पर खोला जाए। बुधवार को मानसून व आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा, आपदा से हुई सरकारी और निजी परिसंपत्तियों की क्षति का तत्काल आकलन किया जाए। जान-माल के नुकसान की स्थिति में प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता राशि का वितरण समयबद्ध सीमा के भीतर करें। विभागीय मशीनरी को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा जाए।
उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान गाड़-गदेरों, नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उनके ठहरने, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए नालियों एवं जल निकासी की व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखें।
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मंडलायुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर प्रतिकूल परिस्थितियों में यात्रा को एहतियातन कुछ समय के लिए रोकने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित पड़ावों पर ठहराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।