मलबा आने से रातभर जागते रहे ग्रामीणमलबा आने से रातभर जागते रहे ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विकासखंड के किमाणा गांव में देर रात भारी बारिश के बीच मलबा और पानी आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीण रात भर जागते रहे और पहरेदारी करते रहे। बता दें कि यहां विगत दिनों से गांव के ऊपर से मलबा व पानी आने से गांव खतरे की जद में है।
उधर, पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान गांव के ऊपरी हिस्से से भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा बहकर बस्ती तक पहुंच गया। जिससे गाद गांव के रास्तों, खेतों और घरों के आसपास जमा होने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लगातार हो रहे भूस्खलन से गांव पर खतरा मंडरा रहा है।
Uttarakhand: राज्य में 91 सड़कें बंद, सबसे अधिक पिथौरागढ़ जिले में 16 मार्ग बंद, ऊखीमठ-चोपता सड़क धंसी
एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि पहाड़ी से आ रहे मलबे और पानी के कारण कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है तथा कुछ गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों के लिए तिरपाल की व्यवस्था कर दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा सके। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।