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Chamoli: बीकेटीसी नहीं कर पाई जर्जर मंदिर का जीर्णोद्धार; तीन साल से कमरे में हो रही सीता माता की पूजा

Sun, 19 Jul 2026 08:07 PM IST
Alka Tyagi प्रदीप भंडारी, संवाद न्यूज एजेंसी, ज्योर्तिमठ(चमोली)

सार

चाई गांव में स्थित सीता माता का पौराणिक मंदिर है। उत्तर भारत में एकमात्र सीता माता के इस पौराणिक मंदिर को लेकर पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। लेकिन बीकेटीसी के अधीन यह मंदिर तीन साल पहले जर्ज हो गया था। मंदिर की स्थिति ऐसी है कि कभी भी गिर सकता है।
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चमोली में सीता माता मंदिर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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चाई गांव में स्थित सीता माता का पौराणिक मंदिर जर्जर हो रखा है। सीता माता की मूर्ति को एक कमरे में रखकर पूजा अर्चना की रही है। ग्रामीण तीन साल से मंदिर निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन करोड़ों की कमाई करने वाली बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने अभी तक इस मंदिर की ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।

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ज्योतिर्मठ विकासखंड के अंतर्गत चाई गांव में स्थित सीता माता का पौराणिक मंदिर है। उत्तर भारत में एकमात्र सीता माता के इस पौराणिक मंदिर को लेकर पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। लेकिन बीकेटीसी के अधीन यह मंदिर तीन साल पहले जर्ज हो गया था। मंदिर की स्थिति ऐसी है कि कभी भी गिर सकता है।

ऐसे में वहां पर पूजा अर्चना करना जोखिम भरा हो गया था। इसके चलते ग्रामीणों ने माता सीता की पौराणिक मूर्ति को एक कमरे में रखकर पूजा अर्चना शुरू की। ग्रामीण कई बार बीकेटीसी को लिखित और मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं। कई बार समिति के अधिकारी व पदाधिकारी इस मंदिर का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन आज तक मंदिर निर्माण की दिशा में कोई काम नहीं हुआ है।
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चाई गांव के ग्राम प्रधान शंकर लाल का कहना है कि तीन साल से समिति को मंदिर की स्थिति से अवगत करा रहे हैं। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मजबूरी में माता सीता की मूर्ति को एक कमरे में शिफ्ट करना पड़ा। वहीं पर पूजा अर्चना की जा रही है।

उत्तराखंड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती का कहना है कि मंदिर समिति ने पूर्व में ऐसे कई मंदिरों के निर्माण के लिए धनराशि दी है, लेकिन अपने अधीनस्थ मंदिरों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मंदिर का शीघ्र निर्माण होना चाहिए।

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समिति छोड़े अधिकार तो खुद बना लेंगे मंदिर
ग्राम प्रधान शंकर लाल का कहना है कि यदि बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति इस मंदिर से अपना अधिकार छोड़ देती है तो ग्रामीण खुद के संसाधनों से इसका निर्माण कर लेंगे। वहीं ग्रामीण हरि पंवार का कहना है कि यदि नवरात्रि तक मंदिर निर्माण का कार्य आरंभ नहीं होता है तो हम चंदा व दान एकत्र कर निर्माण शुरू कर देंगे।

चाई गांव में स्थित सीता माता मंदिर का निर्माण हमारी पहली प्राथमिकता है। जल्द ही मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष बीकेटीसी
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