बीआरओ के कमांडर कर्नल अंकुर महाजन का कहना है कि सुरक्षित जगहों पर श्रमिकों के कंटेनर स्थापित किए जाएंगे। बर्फ पिघलने के बाद सीमा क्षेत्र में हाईवे चौड़ीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
सेना अस्पताल में भर्ती हैं चार श्रमिक
माणा हिमस्खलन की चपेट में आए श्रमिकों में से अब चार श्रमिक ही सेना अस्पताल में इलाज ले रहे हैं। माणा हिमस्खलन में 54 श्रमिक फंस गए थे। इनमें से 46 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जबकि आठ की बर्फ में दबने से मौत हो गई थी। गंभीर घायल दो श्रमिकों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया। जबकि 44 श्रमिक सेना के अस्पताल में ही भर्ती थे। 40 श्रमिकों को छुट्टी दे दी गई। अब चार श्रमिक ही अस्पताल में भर्ती हैं। ज्योतिर्मठ के एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि चिकित्सकों की सलाह पर चारों श्रमिकों को जल्द घर भेज दिया जाएगा।