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Iजहां चालदा महासू विराजमान, वहां मनाते हैं नई दिवालीI
जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश के आराध्य देव चालदा महासू देवता दसऊ गांव में विराजमान हैं। रविवार को खत पशगांव के लोगों ने देव-दर्शन कर सुख-समृद्धि और अपने परिवार की खुशहाली की मन्नतें मांगी। ग्रामीणों ने रात में देव होला जलाकर क्षेत्र में मनाई जाने वाली पांच दिवसीय दीपावली की शुरूआत की।
जौनसार बाबर जनजातीय क्षेत्र के अधिकांश गांवों में दिवाली के एक माह बाद पुरानी दिवाली मनाने का रिवाज है। क्षेत्र के आराध्य देव चालदा महासू जिस खत में विराजमान होते हैं, उस खत में नई दिवाली मनाने की परंपरा है। इस समय चालदा महासू देवता दसऊ स्थित मंदिर में विराजमान है। रविवार को खत पशगांव के 15 गांवों के लोग चालदा महासू देवता मंदिर में पहुंचे। लोगों अपनी इच्छापूर्ति के लिए मंदिर में रात बिताई। रात को करीब 11 बजे देवता के नाम से बना भीमल और चीड़ की लकड़ियों का होला (मशाल) जलाए गए। इसके बाद खत दसऊ, हाजा, गबेला, दोधा, डाडुवा, कितरोली, मलेथा, दुनुवा, सुनोडा, मटियाना, भूपोऊ,कोठा क्वानू, मझंगाव, मैलोथ सहित अन्य गांवों के लोगों ने देव दर्शन के लिए पांच दिवसीय दिवाली का शुरूआत की। मंगलवार की सुबह होलियात खेली जाएगी। उसके बाद भिरूड़ी फेंकी जाएगी। इस दौरान देव वजीर दीवान सिंह राणा, पुजारी शांति राम, खत स्याणा, शूरवीर सिंह चौहान, छताई शेर सिंह चौहान, मातबर सिंह, पदम सिंह चौहान, युद्धवीर सिंह, रणवीर शर्मा, अमर सिंह आदि मौजूद रहे।