अमर उजाला फाउंडेशन और सामाजिक संस्था धाद की पहल पर आयोजित हरेला घी संग्रांद के तहत 16वें दिन शनिवार को रामगढ़ दूधली के ग्रामीण और छात्रों के साथ स्थानीय विद्यालय परिसर में आयोजन हुआ। हरेला घी संग्रांद के साथ उत्तराखंड के लोकपर्वों को नए संदर्भों के साथ समाज के बीच ले जाने के लिए एक माह का संयुक्त अभियान धाद और अमर उजाला द्वारा चलाया जा रहा है।
शनिवार को स्वच्छ विद्यालय-2022 में सम्मानित प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के परिसर में अशोक के पौधे रोपे गए। विद्यालय परिसर में एकत्र ग्रामीणों और छात्रों को पहाड़ का भोज खिलाया गया, जिसमेें चैंसू, पत्यूड़, कोदे की रोटी, घी और झंगोरे की खीर परोसी गई। शुभारंभ जूनियर हाई स्कूल रामगढ़ की प्रधानाध्यापक शांति लिंगवाल ने गढ़वाली भाषा में वंदना के साथ किया। इस मौके पर बच्चों ने जौनसारी और गढ़वाली गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी। जूनियर हाईस्कूल के अध्यापक संजय सोलंकी ने बच्चों को संवाद के माध्यम से हरेला और घी संग्रांद की जानकारी दी।
तन्मय ममगाईं, गणेश चंद्र उनियाल, सुरेंद्र अमोली, आशा डोभाल, रजनी नेगी, ऊषा रावत, सुशील डिमरी, संजय सोलंकी, सरस्वती, बीना थापा, ऊषा चौधरी, रुचि सेमवाल, मीना घिल्डियाल, मधुलिका, लक्ष्मी, विमला, नीलिमा थापा आदि।
धाद और अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित हरेला घी संग्रांद विदेश में भी पहुंच गया है। सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासियों ने रविवार को हरेला घी संग्रांद का सिडनई चैप्टर आयोजित किया है। यमकेश्वर, पौड़ी के मूल निवासी जीतेंद्र सिंह जो सिडनी में सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में कार्यरत है, उन्होंने अभियान को आगे ले जाने की पहल की है। उत्तराखंडी एसोसिएशन ऑफ सिडनी के बैनर तले उत्तराखंडी पौधरोपण और पर्वतीय अन्न, भोज पर संवाद आयोजित कर रहे हैं। हरेला ग्लोबल के सह संयोजक मितेश सेमवाल ने बताया कि आने वाले समय में अन्य देशों में कार्यरत प्रवासी उत्तराखंडी पहल से जुड़ने वाले हैं।