नीति आयोग के सदस्य और ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. वीके सारस्वत ने शोधकर्ताओं और शिक्षकों से देश को प्रोडक्ट नेशन बनाने के लिए कार्य करने का आह्वान किया। कहा कि नई खोज और शोध के लिए बेहतर ईको सिस्टम होना जरूरी है। वह रिसर्च एक्सीलेंस अवार्ड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
समारोह में डीम्ड विवि और हिल यूनिवर्सिटी में बेहतरीन शोध कार्य, नई खोज और प्रोजेक्ट करने वाले शिक्षकों को डेढ़ करोड़ रुपये नकद पुरस्कार के रूप में दिए गए। इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि ये पुरस्कार शोध और नई खोजों के लिए किए प्रयासों को सम्मान और प्रोत्साहन देने के लिए दिए जाते हैं। नई खोजों से जुड़ी टाईफाइड डाइग्नोस करने की ग्राफिक एरा की नई किट पूरी दुनिया में इस रोग के इलाज को आसान बनाने लगी है। इसी तरह नई खोज करना और उनके आधार पर नये उत्पाद तैयार करना देश को प्रोडक्ट नेशन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य है।
कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने बताया कि शिक्षकों ने 1200 पेटेंट हासिल किए हैं। समारोह में यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत, प्रो-चांसलर डॉ. राकेश कुमार शर्मा, डॉ. एमपी सिंह, डॉ. संजय जसोला, सुभाष गुप्ता मौजूद रहे।
Iइन्हें किया गया सम्मानितI
समारोह में शिक्षक डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मांगेराम, डॉ. मोहित बजाज, डॉ. मनोज दिवाकर, डॉ. देशबंधु सिंह, डॉ. मोहम्मद वाजिद, डॉ. वारिज पंवार, डॉ. मनु शर्मा, डॉ. अरुणिमा नायर, डॉ. प्रभाकर सेमवाल, डॉ. के. उधम सिंह, डॉ. व्रिंस विमल, डॉ. अक्षय कुमार आदि को सम्मानित किया गया।