एसटीएफ ने नौकरी का झांसा देकर युवाओं को ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह पहले नौकरी का झांसा देता था। इसके बाद ट्रेनिंग के लिए बिजनेस में पैसा लगाने के नाम पर ठगी करता था। मामले में एसटीएफ ने तीन निदेशकों सहित 10 के खिलाफ रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। जांच के बाद एसटीएफ जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकती है।
एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया, गोनगढ़, चमियाली, टिहरी गढ़वाल की चंदना ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया, देवप्रयाग की उनकी सहेली मीना ने देहरादून के रायपुर स्थित एक कंपनी में वैकेंसी बताई थी। कहा था, कंपनी में सिर्फ सिस्टम वर्क है और 18 हजार रुपये वेतन मिल रहा है। वह उन्हें तुनवाला स्थित यूथ पावर विजन प्रा. लि. कंपनी लेकर गई जहां कुछ व्यक्ति मिले। उन्होंने बताया, पहले चार दिन की ट्रेनिंग होगी।
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अगले दिन से ऑफिस में कुछ युवक और युवतियों के साथ ट्रेनिंग शुरू हो गई। वहां कमल कंडारी, अकुंश, अपराजिता रमोला, रोहित कोटियाल और अमीषा रावत क्लास देते थे। आरोप है, वे लोग उन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाते हुए नौकरी के बजाय बिजनेस करने के लिए प्रेरित करते थे। उन्हें बताया गया, नौकरी के साथ-साथ वह दो स्टेज में बिजनेस कर सकते हैं।
एक 25 प्रतिशत से शुरू होता है जिसमें 38 हजार रुपये देने है। दूसरा 30 प्रतिशत से शुरू होगा। इसमें 51 हजार रुपये देने हैं। साथ ही उन्हें इस बिजनेस के बारे में किसी से न बताने को कहा गया। एसएसपी ने बताया, शिकायत के आधार पर निरीक्षक प्रदीप राणा की देखरेख में एक टीम गठित कर जांच करवाई तो आरोपों की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि रायपुर स्थित डोभाल चौक के पास तुनवाला रोड पर दो भवनों में यूथ पावर विजन प्रा. लि. कंपनी के नाम से कार्यालय चल रहे थे। कमल कंडारी, अंकुश, अपराजिता रमोला, रोहित कोटियाल, अमीषा रावत, सुकेश शर्मा और विजय कुमार कार्यालय को संचालित कर रहे थे। एसएसपी ने बताया, दस आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एक करोड़ से अधिक की ठगी का अनुमान
दोनों भवनों में करीब 30 से 40 युवक-युवतियां को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। मुनीष कुमार, मुकेश कुमार और कुश कुमार कंपनी के निदेशक हैं। इनका कार्यालय मनी माजरा, चंडीगढ़ में है। ये लोग इस फर्जी कंपनी को संचालित कर रहे थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन्होंने युवाओं से एक करोड़ से अधिक की ठगी की है।