सरकारी तंत्र की सुस्ती का उदाहरण है राजधानी दून से सटा लांघा गांव। यहां बीते 10 साल पहले बीएसएनएल का टावर तो लगा दिया गया, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया। इस कारण ग्रामीणों को नेटवर्क का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से 80 फीसदी ग्रामीण अपना बीएसएनएल का नंबर दूसरी कंपनी में पोर्ट करा चुके हैं। यह मुद्दा बृहस्पतिवार को दूरसंचार सलाहकार समिति की बैठक में उठा।
दर्शनलाल चौक स्थित बीएसएनएल के सभागार में आयोजित बैठक में राज्य सभा सांसद नरेश बंसल ने देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी समिति के सदस्यों से उनके इलाकों की समस्या जानी। लांघा के जगरोशन कपिल ने कहा, बीएसएनएल के ही टावर से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम कनेक्ट है। लेकिन नेटवर्क न होने की वजह से ग्रामीण एटीएम की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं।
उत्तरकाशी से आए सरदार सिंह राणा ने कहा, यात्रा मार्ग होने के बावजूद क्षेत्र में कई जगह नेटवर्क गायब होने की वजह से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं आज भी ग्रामीणों को फोन पर बात करने के लिए तीन-चार किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।
वहीं, टिहरी के बुड़ाकेदार से आए मालचंद बिष्ट ने कहा, इलाके में टॉवर तो लगे हैं लेकिन वह काम नहीं कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा, तीन साल बाद इस तरह की बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक वास्तव में तीन-छह महीने के अंतराल में होनी चाहिए। ताकि लोगों की समस्या अधिकारियों तक पहुंच सके।
उधर टिहरी से आए राजेश डियूंडी ने कहा, बीएसएनएल में कर्मचारियों की कमी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र में दो नए टावर लगने प्रस्तावित हैं, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बैठक में बीएसएनएल के जीएम विजय पाल, डीजीएम पीके शर्मा, आईएफए कल्याण सिंह चौहान समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।