सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया और जीजा की हत्या की बात स्वीकारी। पूछताछ में नीटू ने बताया कि उसकी पत्नी जीजा के घर गई थी। 13 सितंबर को पंकज उसकी पत्नी को बाइक से सिधड़ू गांव छोड़ने गया था। उसने शराब पी रखी थी। इस पर नीटू उसे वापस महाराजपुर छोड़ने चला गया। यहां पंकज ने नीटू को कुछ उल्टा सीधा बोल दिया।
इस पर नीटू अपने जीजा पंकज को वापस सिधड़ू लेकर आ गया। रात में दोनों ने गांव के बाहर ही नदी किनारे बैठकर शराब पी। नशा होने पर नीटू ने पंकज की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को नदी में फेंक दिया। तीन दिन बाद वह नदी किनारे गया तो शव फूलकर उतराने लगा था।
सीओ ने बताया कि नीटू ने धारदार हथियार से शव के चार टुकड़े कर दिए और बोरी में बंद कर खेत में दबा दिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सिधड़ू गांव के पास एक गन्ने के खेत से पंकज का शव बरामद कर लिया है। सीओ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस टीम में कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह नेगी, एसआई बृजपाल सिंह, लोकपाल परमार, आशीष शर्मा, नवीन चौहान, नरेश चंद्र, सत्येंद्र सिंह, मोहन पंवार, मुकेश चौहान, राजेंद्र सिंह और उपेंद्र सिंह शामिल रहे।
उजड़ गए दो परिवार
नीटू की नादानी से हंसते खेलते दो परिवार उजड़ गए। नीटू को शराब के नशे में अपने जीजा की बात इतनी नागवार गुजरी कि वह अपने रिश्ते को भी भूल गया। नीटू को यह भी अहसास नहीं हुआ कि वह अपनी ही बहन के सिंदूर को उजाड़ने जा रहा है। नीटू ने जिस तरीके से अपने जीजा की हत्या की है, उससे गांव का हर कोई हैरान है। वहीं, घटना के खुलासे के बाद दोनों ही परिवारों में कोहराम मचा है। दोनों परिवारों के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों के घरों पर रिश्तेदारों और परिचितों का तांता लगा हुआ है।