देहरादून। देव उठनी एकादशी से शुरू हुए मांगलिक कार्यों पर 16 दिसंबर से ब्रेक लग जाएगा। मलमास लगने से एक माह तक कोई भी शुभ कार्य नहीं होंगे।
आचार्य डॉ. सुशांत राज के मुताबिक सौर वर्ष और चांद्र वर्ष में सामंजस्य स्थापित करने के लिए हर तीसरे वर्ष पंचांगों में एक चांद्रमास की वृद्धि कर दी जाती है। इसी को अधिमास या मलमास कहा जाता है। गुरू की राशि में सूर्य पहुंचने के कारण 16 दिसंबर से एक माह तक मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया है। सूर्य किसी भी राशि में लगभग एक माह तक रहता है। मलमास में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, व्रत शुरू करना और इनका उद्यापन आदि कार्य वर्जित माने गए हैं। आचार्य ने बताया कि मलमास 16 जनवरी तक रहेगा। 23 जनवरी, 25, 26, 27, 28, 29 जनवरी को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।