फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लव मैरिज करने पर पालतू कुत्ते से दामाद की तुलना करती थी सास, तो दे डाली खौफनाक मौत

Fri, 25 Jan 2019 09:55 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
murder
विज्ञापन

सास लक्ष्मी देवी के हत्यारोपी शंकर गिरी ने अन्नू से प्रेम विवाह किया था। वह अपनी पत्नी अन्नू से बहुत प्रेम करता है। इसलिए वह नहीं चाहता था कि अन्नू भी अपनी मां के नक्शे कदम पर चले। इसलिए उसने सास को ही रास्ते से हटाने का मन बनाया।

विज्ञापन


बताया जाता है कि लक्ष्मी देवी अपने दामाद शंकर की बिलकुल इज्जत नहीं करती थी। वह शंकर की तुलना अपने पालूत कुत्ते टिप्सी से करती थीं। सास का यह व्यवहार भी हत्या का कारण बना। 

बता दें कि शंकर गिरी 19 जनवरी की रात ब्रह्मपुरी बस्ती निवासी लक्ष्मी देवी (45) की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार शंकर और अन्नू की शादी चार महीने पहले ही हुई थी। लक्ष्मी देवी की इकलौती संतान होने के कारण उसने शंकर को घर जमाई बनाया था।
विज्ञापन


लक्ष्मी ने अपने घर से कुछ ही दूरी पर स्थित दूसरे घर को उसे रहने के लिए दिया था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में इस बात का पता चला है किलक्ष्मी का शंकर के प्रति रवैया आक्रामक और तानाशाह सरीखा था। वह उसके साथ अभद्रता से पेश आती थीं। 

बताया जाता है कि एक बार शंकर ने ससुराल छोड़ने की भी सोची लेकिन तब उसकी पत्नी अन्नू दीवार बनकर खड़ी हो गई। वह अपनी पत्नी का विरोध नहीं कर सका और ससुराल में ही जिंदगी गुजर बसर करने का फैसला किया।

बकौल हरिद्वार कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी लक्ष्मी देवी अब दामाद शंकर की मौजूदगी में ही जिस्मफरोशी के धंधे से जुड़ी बातें करने लग गई थी। वह जब भी समझाने की कोशिश करता था तब उसे डांट देती थीं।

आसपास के लोग और रिश्तेदार भी अक्सर उसे बोलते थे कि लक्ष्मी देवी उसकी पत्नी को भी इस गलत धंधे में धकेल सकती है। जब वह गंगा घाट पर दूध बेचने के लिए जाता तब उसकी सास और पत्नी घर से गायब हो जाते थे। इससे उसका शक बढ़ गया और सास के प्रति नफरत बढ़ती गई। 
विज्ञापन

पुलिस को देना चाह था गच्चा 
बेहद सीधे से दिखने वाले शंकर गिरी ने सास का कत्ल करने के बाद पुलिस को गच्चा देने की पटकथा भी लिखी थी। जब शंकर ने हत्या कर दी तब उसने सास के घर के बगल में रहने वाले दर्जी राधेश्याम के मोबाइल फोन पर संपर्क साधा। फोन राधेश्याम के बेटे ने उठाया। तब उसने दर्जी के बेटे से कहा था कि उसके पिता भी क्या गंगा घाट पर दूध बेचने चल रहे हैं क्योंकि वह जा रहा है। यह सब उसने इसलिए किया था कि वह पुलिस को गच्चा देना चाह रहा था कि वह तो अपने काम में गया था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। 

बेटी की भूमिका की जांच जारी 
लक्ष्मी हत्याकांड में स्थानीय पुलिस की जांच के दायरे में बेटी अन्नू भी है। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी की मानें तो बेटी की भूमिका प्रथम दृष्टया अभी प्रकाश में नहीं आई है लेकिन अभी जांच चल रही है। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार ही कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें