बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण में आरोपी चार छात्रों में से तीन नाबालिगों के खिलाफ भी पोक्सो कोर्ट में मुकदमा चलाया जाएगा। नियमानुसार 16 से 18 के बीच उम्र वाले आरोपियों के मुकदमे का विचारण किशोर न्याय बोर्ड नहीं कर सकता है।
जबकि, इन तीनों की उम्र भी 16 साल से ऊपर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस इस मामले में एक माह के भीतर ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर सकती है। गौरतलब है कि 16 सितंबर को सहसपुर थाना क्षेत्र के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में एक छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था।
गैंगरेप का आरोप स्कूल के ही चार छात्रों पर है। शुरूआत में सभी छात्र नाबालिग बताए जा रहे थे। हालांकि, दो दिन बाद पता चला कि इनमें से एक छात्र बालिग है और उसकी उम्र करीब 19 वर्ष है।
पांच आरोपियों के साथ सुद्धोवाला जेल भेज दिया गया
ऐसे में इस छात्र को पोक्सो कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे अन्य पांच आरोपियों के साथ सुद्धोवाला जेल भेज दिया गया। जबकि, तीन नाबालिग छात्रों को किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत किया गया था। बोर्ड के आदेश पर उन्हें बाल सुधार गृह हरिद्वार में दाखिल करा दिया गया था।
बताया जा रहा है कि इन तीनों नाबालिगों के खिलाफ भी वयस्कों की भांति ही पोक्सो कोर्ट में मुकदमा चलेगा। इन सभी की उम्र 16 साल से ज्यादा है। हालांकि, पुलिस इस मामले में उनकी उम्र से संबंधित साक्ष्य जुटा रही है।
शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड में 16 से 18 साल के नाबालिगों के खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है। लिहाजा, चार्जशीट दाखिल होने के बाद विचारण भी पोक्सो कोर्ट में ही स्थानांतरित किया जाएगा।