एसओ सहसपुर नरेश सिंह राठौर ने बताया कि आया मंजू ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई थी। इस बाबत उसने एक पत्र न्यायालय को भी प्रेषित किया था। बुधवार को मंजू ने बतौर सरकारी गवाह बयान दर्ज कराए।
उसने अदालत को बताया कि मामला जैसे ही उनके संज्ञान में आया तो उन्होंने सबसे पहले मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी को यह बात बताई थी। उन्होंने अपने पति को और फिर पति ने प्रिंसिपल व डायरेक्टर को मामले की जानकारी दी।
लेकिन डायरेक्टर ने सभी को नौकरी पर खतरा बताया और स्कूल की प्रतिष्ठा दांव पर लगने की बात कहते हुए चुप करा दिया। आया ने यह भी बताया था कि कम से कम छात्रा के परिजनों की जानकारी में यह घटनाक्रम लाया जाए, मगर डायरेक्टर ने इसके लिए भी सख्ती से मना कर दिया। उसने अभियोजन के सभी तथ्यों की अदालत के समक्ष पुष्टि की।