फसल पर लगा काला रोग, 60 फीसदी तक नुकसान
कंद भी सूख कर पड़ रहे काले, कृषि वैज्ञानिक दे रहे दवा के छिड़काव का सुझाव
जौनसार बावर क्षेत्र की नकदी फसल अरबी (गागली) पर काला रोग लग गया है। इसकी वजह से पहले अरबी के पत्ते काले पड़ रहे, उसके बाद कंद सूखकर भूरे और काले पड़ रहे हैं। किसानों ने करीब 60 फीसदी के नुकसान की आशंका जताई है।
जौनसार बावर क्षेत्र में अरबी एक प्रमुख नकदी फसल है। स्थानीय किसान अप्रैल माह के पहले सप्ताह से लेकर फसल तैयार होने तक निराई-गुड़ाई में लगे रहते हैं। लेकिन इस बार अरबी की फसल पर काला रोग लग गया है। अलसी गांव के दिनेश सिंह ने बताया कि इस बार 6.5 क्विंटल का बीज पांच खेतों में लगाया है, लेकिन रोग लगने से करीब 60 फीसदी फसल खराब हो गई है।
कृपाल सिंह, राजेंद्र सिंह पंवार, चमन सिंह, आलम सिंह आदि किसानों का कहना है कि फसल पर लगातार प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अरबी के पत्तों में काला दाग लग रहा है, जो धीरे धीरे पूरे पत्ते को काला कर रहा है। इसके बाद कंद भी सूखकर काले और भूरे पड़ रहे है।
कहा कि रोग की रोकथाम के लिए दवाइयों का इस्तेमाल भी कर लिया है, लेकिन बीमारी पर रोक नहीं लग पा रही है। 20 दिनों से बारिश नहीं हो रही है, जिससे फसल झुलस रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के डॉ. अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि इस समय अरबी में दवाइयों के छिड़काव की आवश्यकता है। इसके लिए सार्थक नाम की एक दवा है। 2 एमएल दवा एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना है। कहा कि दवा का छिड़काव साफ मौसम होने पर ही करें। उन्होंने कहा कि जिन पत्तों पर बीमारी के लक्षण दिखाई दें, उन पत्तों को काट कर एक गड्ढे में दबा दें ताकि बीमारी न फैले।