इस पर सोमवार देर शाम कोतवाली पुलिस ने कांति कोली की रंपुरा चौरासी घंटा के पास स्थित किराये की दुकान में छापा मारकर 20 ग्राम स्मैक बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को कांति को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बरामद स्मैक की बाजार कीमत करीब चार लाख रुपये आंकी गई है। टीम में कोतवाल केसी भट्ट, एसएसआई कमलेश भट्ट, जगदीश ढकरियाल, एसआई जसविंदर सिंह, ओमप्रकाश आदि थे।
कोतवाल केसी भट्ट ने बताया कि कुछ दिन पूर्व स्मैक की तस्करी में गिरफ्तार खटीमा की युवती ने भी कांति कोली का नाम लिया था और रविवार को गिरफ्तार किए गए हरिमोहन के पास बरामद स्मैक भी कांति कोली की होने की पुष्टि हुई है। इससे इसमें पूरा गिरोह होने का अनुमान है, जिसकी जांच के लिए कांति को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।
नेता के विरोध में उतरे मोहल्ले के लोग
रंपुरा को नशा कारोबार का गढ़ माना जाता है। अवैध शराब की छापेमारी में कई बार पुलिस को क्षेत्रवासियों का विरोध सहना पड़ा, लेकिन सोमवार को कांति कोली की गिरफ्तारी के दौरान क्षेत्र के लोग पुलिस के पक्ष में नजर आए। लोगों का कहना था कि कांति लंबे समय से स्मैक का कारोबार कर रहा था। साथ ही उसे इस गोरखधंधे में पार्टी के ही कुछ पदाधिकारियों का संरक्षण भी मिला हुआ है। कांति के जेल जाने से उनके बच्चों का भविष्य बिगड़ने से बच सकता है।
रंपुरा में भाजपा नेता की ओर से स्मैक कारोबार करने का खुलासा होने के बाद अब पुलिस ने रंपुरा क्षेत्र पर अपना फोकस कर लिया है। कांति की धरपकड़ के दौरान क्षेत्र के लोगों ने पुलिस को कुछ और तस्करों का नाम भी बताए हैं। साथ ही खुफिया विभाग ने भी कुछ स्मैक तस्करों की सूची पुलिस को उपलब्ध कराई है।
बड़े नेताओं के साथ खुद की पैरवी करने पहुंचा था कांति
स्मैक तस्करी में कांति का नाम सामने आने पर कांति पार्टी के कुछ बड़े नेताओं और पदाधिकारियों के साथ खुद की पैरवी करने कोतवाली पहुंचा। इस दौरान पैरवी करने वाले नेताओं ने कांति की एक साफ सुथरी छवि पुलिस के आगे रखने के साथ ही सत्तारूढ़ पार्टी का हवाला देकर पुलिस को दबाव में लेने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने फटकार लगाकर नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
नशे का कारोबार करने वाले समाज विरोधी हैं। भाजपा जैसी अनुशासित पार्टी के लिए इस तरह का व्यक्ति दुर्भाग्यपूर्ण हैं, जो पार्टी कि छवि धूमिल करने के साथ ही समाज को भी बर्बाद कर रहा है। पार्टी को ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।- राजकुमार ठुकराल, क्षेत्रीय विधायक