फिर संजीव घोष नाम के व्यक्ति ने सौरभ बुद्धकर नाम के युवक को अपना हेड बताते हुए उसकी बात कराई और खाते में पौने दो लाख की रकम जमा कराने की बात कही। आरोप है कि उसने जब पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में दर्शाए जा रहे खाते में पौने दो लाख जमा करा दिए लेकिन उसके बाद सभी व्यक्तियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गए।
आरोप है कि जब वह पतंजलि आयुर्वेद के मुख्य कार्यालय में पहुंचे तब पता चला कि इस तरह की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए कोई विज्ञापन नहीं दिया गया था। युवक का आरोप है कि पता करने पर मालूम हुआ कि उक्त बैंक खाता करमजीत सिंह पुत्र स्ट्रीट नंबर आठ बंदा बहादुर नगर गुरुद्वारा लुधियाना पंजाब के नाम से है लेकिन वह दर्शा पतंजलि का खाता रहा था।
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।