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I-मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दीI
छह हजार मानदेय करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर भोजनमाता संगठन ने तहसील में प्रदर्शन किया। तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दी।
रविवार को पछवादून क्षेत्र की भोजनमाताएं प्राथमिक विद्यालय हरबर्टपुर में एकत्र हुईं। यहां से जुलूस के रूप में तहसील पहुंची और सरकार के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार ग्यारू दत्त जोशी को सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष उषा देवी ने कहा कि राज्य में करीब 30 हजार भोजनमाताएं वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्य कर रही हैं। वर्तमान में उन्हें मात्र तीन हजार मानदेय दिया जा रहा है। इस रकम से उनकी आवश्यकताएं पूरी नहीं हो पाती हैं। कहा कि भोजनमाताओं का मानदेय छह हजार रुपये प्रति माह किया जाए। 20-21 वर्षों से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत भोजनमाताओं को न हटाया जाएगा। कहा कि हाल ही में विभाग ने उन भोजनमाताओं को हटाने के संबंध में आदेश जारी किया है, जिनके बच्चे विद्यालय में नहीं पढ़ते हैं। कहा कि ऐसा किया गया तो संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की आयु से अधिक की भोजनमाताओं को भोजनमाता कल्याण कोष से लाभान्वित कर ससम्मान सेवानिवृत्त किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में कमलेश, रजनीश, साईना, कुसुम, संसारवती, रेखा, माया भटनागर, पिंकी, सुनिता, बीना, कांता, माधुरी तोमर, राधा आदि शामिल रहीं।