भोजन माता संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री से मिलकर अपनी मांगो को पूरा कराए जाने की अपील करेंगी। यह जानकारी देते हुए संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी ने कहा कि प्रदेश की 30 हजार से अधिक भोजन माताएं अपनी मांगों को लेकर कई वर्षों से संघर्ष करती चली आ रही हैं। प्रदेश के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों से लेकर जूनियर हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कहा कि संगठन के माध्यम से भोजन माताओं का मानदेय पांच हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने, भोजन माता कल्याण कोष बनाए जाने व 65 साल की आयु पूरी कर चुकी भोजन माताओं को कल्याण कोष से लाभांवित कर ससम्मान सेवानिवृत्त किए जाने की मांग करेंगे। मंगलवार को संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल शिक्षा मंत्री से मुलाकात करेगा। उन्हें यह उम्मीद है कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।