II
प्रशासन की लापरवाही के कारण हुई घटना
I
I
I
Iभीम आर्मी अध्यक्ष आजम खान की गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश करार दिया गया है। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन की चूक के कारण यह घटना हुई। लेकिन प्रशासन आजम खान को जान-बूझकर झूठे मुकदमें में फंसा रहा है।
I
I
I
Iशनिवार को भीम आर्मी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट,सपा,जनता दल,उत्तराखंड किसान सभा, इंसानियत मंच व महिला मंच के साथ ही आधा दर्जन से अधिक राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की बैठक आयोजित हुई। इसमें पदाधिकारियों ने भीम आर्मी के अध्यक्ष आजम खान की गिरफ्तारी को अवैध करार देते कहा कि यह काम भाजपा के इशारे पर हुआ है। आजम खान जिन मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे थे। वह भाजपा को रास नहीं आ रही थी। घटना से एक दिन पूर्व भीम आर्मी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने अल्पसंख्यकों के साथ हो रही उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। वहीं राज्य निर्वाचन व भारतीय निर्वाचन आयुक्त के साथ ही राज्य के मुख्य सचिव से भी मामलों की शिकायत कर हस्तक्षेप की मांग की गई थी। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आंबेडकर प्रतिमा के समक्ष कोई धार्मिक बैनर लगाया जाना उचित नहीं था। प्रशासन की चूक के कारण सांप्रदायिक ताकतों को बवाल करने का मौका मिला। आजम खान जनता के प्रति समर्पित कार्यकर्ता हैं। बैठक में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति प्रशासन के रवैये की कड़ी निंदा की गई। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि प्रशासन का यही रवैया रहा तो व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। इस दौरान लेखराज, त्रिलोचल भट्ट, सोमबारि लाल उनियाल, हरजिंदर सिंह, निर्मला बिष्ट, जबर सिंह पाबेल, सुरेश कुमार, लक्ष्मी और राकेश आदि मौजूद थे।
I
I-I