सुप्रीम कोर्ट में यह है मामला
देहरादून। प्रदेश सरकार की ओर से पहले बेसिक शिक्षक भर्ती में एनआईओएस से डीएलएड अभ्यर्थियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया था। शासन की ओर से इसका आदेश जारी किया गया था। इस शासनादेश के बाद अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया, लेकिन सरकार ने बाद में इस आदेश को रद्द कर दिया।
इसके खिलाफ एनआईओएस से डीएलएड अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने इस मामले में शासन के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें इन अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल न करने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट ने इस प्रकरण में सरकार से जवाब मांगते हुए इन्हें भर्ती में शामिल करने का आदेश किया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ पहले बीएड अभ्यर्थी और उसके बाद राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई।
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शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला जब तक नहीं मिलता इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। - आरके उनियाल, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा