कालसी। रामलीला मैदान कालसी गेट पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास ने ध्रुव कथा प्रसंग व शिव सती प्रसंग सुनाया। कथा व्यास आचार्य महेंद्र कृष्ण बेलवाल ने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति के लिए कोई आयु निर्धारित नहीं होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी आयु वर्ग में परमात्मा की सच्ची भक्ति कर परमात्मा की शरण में जाया जा सकता है। भगवान शिव और माता सती का प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास ने कहा कि भगवान शिव व माता सती ने मानव मात्र के कल्याण के लिए विभिन्न लीलाएं रचीं। भगवान शिव अत्यंत सरल स्वभाव के होने के कारण भोलेनाथ के रूप में भी जाने जाते हैं। माता सती प्राणी मात्र के प्रति प्रेम भाव रखने के कारण माता सती के रूप में जानी जाती हैं। इस अवसर पर आचार्य आदेश तिवारी, आचार्य सुरेंद्र शर्मा, आचार्य दीपक महाराज, आयोजन समिति से जुड़े केशर नेगी, मातबर सिंह, जवाहर सिंह राणा आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संवाद