पिथौरागढ़ तहसील के एक गांव की विवाहिता ने एक बैंक कर्मी पर बैंक से कर्ज दिलाने के एवज में शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक शेखर सुयाल को सौंपी है।
नगर में किराए के मकान में रहने वाली इस विवाहिता ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती पत्र में कहा है कि उक्त बैंक कर्मी से उसकी मुलाकात नगर में हुई थी। उक्त व्यक्ति ने अपना फोन नंबर उसे दे दिया। तीन दिन बाद उस नंबर पर फोन किया तो उसने मुझे बैंक बुलाया।
बैंक जाने पर उसने दुकान के लिए बैंक से कर्ज लेने की बात कही। दुकान के लिए जगह न होने पर उसने कहा कि दुकान भी वह खुद ही तलाश लेगा। तुम कागजात और एक गारंटर ले आओ। कुछ दिन बाद बैंक कर्मी ने कहा कि हम जिसे कर्ज देते हैं, उसके बारे में पूरी जानकारी हासिल करते हैं।
मैने उसे घर पर बुलाया तो उसने कहा तुम्हारा आधा काम कर दिया है। कर्ज लेना चाहती हो तो जो मैं कहता हूं, वैसा करो। वह शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने लगा। उसकी बात मानने पर बैंक से 5 लाख रुपए का कर्ज मंजूर हुआ, लेकिन खाते में लगभग 3.2 लाख ही आए। खाते में कम रकम आने के बारे में बैंक कर्मी से पूछा तो उसने कहा कुछ रकम दुकान के लिए दी है। कुछ खर्च हो गया। बैंक में ससुर गारंटर थे।
उनको बताया गया था कि केवल 50,000 रुपये का कर्ज निकाल रहे हैं। इधर कुछ समय बाद बैंक कर्मी फिर से संबंध बनाने के लिए दबाव डालने लगा। मना करने पर वीडियो रिकार्डिंग होने और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देने लगा। साथ ही शारीरिक संबंध न बनाने पर रुपये देने की मांग करने लगा। वह रुपये देती रही तो वह और पैसे देने के लिए दबाव बनाता रहता। अब कर्ज की रकम जमा करने या शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा है।
फोन से गंदे मैसेज भेजता है। विवाहिता ने प्राप्त रकम में से 3 लाख रुपये का चेक किसी अन्य व्यक्ति को देने की बात भी कही है। यह भी लिखा है कि बैंक कर्मी ने उसके भाई के नाम से भी बैंक से बगैर गारंटर के दो लाख रुपये का कर्ज निकाला है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।