ब्लॉक क्षेत्र के खत कोरू में शादी मेंं होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों ने उपहार बांटने की प्रथा को बंद करने के साथ पिठाई की धनराशि को निर्धारित कर दिया है। वहीं, शादियों में जो लड़कियों की ओर से बकरा दिया जाता था, उसपर पर भी रोक लगा दी गई है।
मंगलवार को ग्राम कचटा मंदिर प्रांगण में आयोजित बैठक में सभी बिदुओं पर सहमति बनी। खत कोरू के सदर स्याणा सुनील दत्त जोशी ने कहा कि समाज में सामाजिक कुरीतियों बढ़ती जा रही हैं। इन पर रोक लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शादी के अवसर पर महिलाओं को उपहार में जो चांदी के सिक्के और वस्त्र दिए जाते थे, वे अब नहीं नहीं दिए जाएंगे। महिलाओं को पिठाई के रूप में अधिकतम धनराशि 101 रुपये ही दिए जा सकेंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शादी में मामा की ओर परंपरागत ढंग से बकरा देने की प्रथा बरकरार रहेगी। कहा गया कि बैठक में तय किए गए निर्णयों की कोई अवेहलना करेगा तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इसके साथ एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। बैठक में गांव में फेरी लगाने वालों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। नशा बिक्री और प्रयोग करते हुए पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया गया। कर्मचारी मंडल ने आगामी 2026 में चालदा देवता के आगमन की तैयारियों पर भी चर्चा की। कहा कि चालदा देवता के आगमन से पूर्व यातायात और अन्य संबंधित व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएंगी।
बैठक में सीताराम चौहान, धाम सिंह चौहान, केसर सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह चौहान, भारत चौहान, कुलदीप चौहान, राजेंद्र शर्मा, टीकम सिंह, श्याम सिंह राठौड़, संसार सिंह, पूरन सिंह खन्ना, अमर सिंह चौहान, वीरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।