बीएएमएस की फर्जी डिग्री प्रकरण में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के पूर्व चेयरमैन दर्शन कुमार के 12वीं का सर्टिफिकेट और मार्कशीट जांच में फर्जी पाए गए हैं। पुलिस अब उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर सकती है। हालांकि, पूर्व चेयरमैन का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
विदित है कि उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बीती 10 जनवरी को प्रदेश में चल रहे बीएएमएस की फर्जी डिग्री बेचने के रैकेट का पर्दाफाश किया था। उस समय दो फर्जी डॉक्टरों समेत इस रैकेट का मास्टरमाइंड इमलाख के भाई इमरान को गिरफ्तार किया था।
शुरुआती जांच में यह पता चला कि इमलाख ने अपने भाई इमरान के साथ मिलकर प्रदेश के 36 फर्जी डॉक्टरों को आठ से 10 लाख रुपये में कर्नाटक के एक विश्वविद्यालय की डिग्रियां बेचीं। इस मामले में अब तक 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले में भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड के पूर्व चेयरमैन के खिलाफ भी शिकायत हुई थी। आरोप लगाया गया था कि उनकी 12वीं का सर्टिफिकेट और मार्कशीट नकली हैं। एसपी क्राइम सर्वेश पंवार ने बताया कि जांच में पूर्व चेयरमैन के 12वीं के सर्टिफिकेट और मार्कशीट फर्जी पाए गए हैं। जल्द ही मामले में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।