सात दशक बाद उत्सव डोली से बदरीनाथ के लिए रवाना हुए गरुड़ भगवान
सात दशक बाद बदरीनाथ के वाहन गरुड़ भगवान की उत्सव डोली भी बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई। बीकेटीसी की स्वीकृति मिलने के बाद गरुड़ भगवान की मूर्ति को इस बार उत्सव डोली से प्रस्थान कराया गया। बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा संपन्न होने के बाद छह माह तक गरुड़ को मूर्ति के बदरीनाथ के खजाने में रख दिया जाता है। यात्रा शुरु होने पर खजाने के साथ ही मूर्ति को बदरीनाथ ले जाया जाता है। जबकि पूर्व में उत्सव डोली में विराजमान कर गरुड़ जी की मूर्ति को बदरीनाथ ले जाया जाता था, लेकिन किन्ही कारणों से डोली की परंपरा का निर्वहन नहीं हो पाया।
इस बार देव पुजाई समिति व रेंक्वाव पंचायत की ओर से बीकेटीसी के सम्मुख उत्सव डोली का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर समिति ने अपनी सहमति दे दी। देव पुजाई समिति के अध्यक्ष अनिल नंबूरी ने बताया कि सात दशक बाद फिर से गरुड़ जी को उत्सव डोली के साथ बदरीनाथ के लिए रवाना किया गया है। शीतकाल में गरुड़ जी की नियमित पूजा-अर्चना ज्योतिर्मठ नृसिंह मंदिर में होगी।