सीसीटीवी फुटेज पर टिकी है पूरी जांच
मामले की जांच का सबसे महत्वपूर्ण आधार सीसीटीवी फुटेज को माना जा रहा है। बदरीनाथ मंदिर परिसर में एक जुलाई से हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाने शुरू हुए थे और अगले ही दिन कथित हेराफेरी का मामला सामने आ गया। मंदिर परिसर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बताया जा रहा है कि एक कैमरे की फुटेज में आरोपी कर्मचारी मोबाइल फोन के साथ कुछ संदिग्ध वस्तु लेते हुए दिखाई दिया है। जांच टीम पुराने और नए दोनों प्रकार के कैमरों की रिकॉर्डिंग की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आने के साथ यह भी स्पष्ट हो सके कि कहीं इस तरह की गतिविधियां पहले से तो नहीं चल रही थीं। मंदिर परिसर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बताया जा रहा है कि एक कैमरे की फुटेज में आरोपी कर्मचारी मोबाइल फोन के साथ कुछ संदिग्ध वस्तु लेते हुए दिखाई दिया है। जांच टीम पुराने और नए दोनों प्रकार के कैमरों की रिकॉर्डिंग की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आने के साथ यह भी स्पष्ट हो सके कि कहीं इस तरह की गतिविधियां पहले से तो नहीं चल रही थीं।
बदरीनाथ विधायक बोले, सभी सीसीटीवी फुटेज किए जाएं सार्वजनिक
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के आरोपों को लेकर स्थानीय विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि मंदिर के कपाट खुलने से लेकर अब तक के सभी सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इसकी जवाबदेही लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करनी चाहिए।
ज्योतिर्मठ में पत्रकार वार्ता में बदरीनाथ विधानसभा के विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि पूर्व में भी बीकेटीसी विवादों में रही है। इससे पहले केदारनाथ में सोने के चढ़ावे में भ्रष्टाचार के आरोपों की कोई जांच नहीं हुई। अब बदरीनाथ धाम में भ्रष्टाचार का मामला उजागर हो गया है। यह आस्था पर चोट है। बीकेटीसी के ही उपाध्यक्ष ने अपनी पत्नी को पीए दिखाकर वेतन लिया।
विधायक ने आरोप लगाया कि केंद्र व प्रदेश सरकार की इसमें संलिप्तता है। सरकार के सहयोग के बिना ऐसा कार्य किया जाना संभव नहीं है। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, नगर अध्यक्ष प्रकाश नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष दिगंबर बिष्ट, कमल रतूड़ी, अजीतपाल रावत सहित अन्य कांग्रेसी मौजूद रहे।
बदरीनाथ मंदिर परिसर में किया मौन उपवास
विधायक लखपत बुटोला ने बदरीनाथ मंदिर परिसर में समर्थकों के साथ मंगलवार को मौन उपवास किया। विधायक सोमवार शाम को ही बदरीनाथ पहुंच गए थे। मंदिर में दर्शन करने के बाद वे परिसर में मौन धारण कर बैठ गए। करीब एक घंटे मौन धारण के बाद उन्होंने कहा कि बदरीनाथ मंदिर में दान की रकम में ही हुई हेराफेरी के विरोध में उन्होंने यह मौन उपवास रखा।