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बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामला: धाम पहुंची चार सदस्यीय जांच टीम; गणना कक्ष का किया निरीक्षण, सीसीटीवी खंगाले

Tue, 07 Jul 2026 07:46 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, बदरीनाथ (चमोली)

सार

बदरीनाथ धाम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के एक कर्मचारी पर आर्थिक हेराफेरी का आरोप लगया है। अब आरोपों की जांच शुरू हो गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए समिति ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की, जिसने आज धाम पहुंचकर रिकॉर्ड देखे।
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बदरीनाथ धाम में हेरफेर का मामला - फोटो : अमर उजाला GFX
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विस्तार
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बदरीनाथ मंदिर में दान-चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के मामले की जांच के लिए गठित बीकेटीसी की चार सदस्यीय टीम मंगलवार को बदरीनाथ पहुंच गई। टीम ने प्रारंभिक जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट समिति के अधिकारियों को सौंप दी है। रिपोर्ट को बीकेटीसी ने गंभीरता से लिया है।

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बीते दो जुलाई को थाली गणना (दान गणना) के दौरान आरोपी बीकेटीसी कर्मचारी पर दान राशि में हेराफेरी के आरोप लगे थे। मामले को लेकर भैरव सेना ने बीकेटीसी अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बाद समिति ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। मंगलवार को बदरीनाथ पहुंची जांच टीम ने संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली।

जांच के आधार पर तैयार प्रारंभिक रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी गई है। सूत्रों के अनुसार, टीम को सीसीटीवी के फुटेज में आरोपी कर्मचारी के हाथ में मोबाइल फोन के साथ कुछ वस्तु को नियंत्रण में रखकर ले जाते देखा गया है। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि जांच टीम फिलहाल बदरीनाथ में ही मौजूद है और विभिन्न पहलुओं की गहन जांच कर रही है। समिति ने टीम को एक सप्ताह के भीतर अंतिम जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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सीसीटीवी फुटेज पर टिकी है पूरी जांच

मामले की जांच का सबसे महत्वपूर्ण आधार सीसीटीवी फुटेज को माना जा रहा है। बदरीनाथ मंदिर परिसर में एक जुलाई से हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाने शुरू हुए थे और अगले ही दिन कथित हेराफेरी का मामला सामने आ गया। मंदिर परिसर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बताया जा रहा है कि एक कैमरे की फुटेज में आरोपी कर्मचारी मोबाइल फोन के साथ कुछ संदिग्ध वस्तु लेते हुए दिखाई दिया है। जांच टीम पुराने और नए दोनों प्रकार के कैमरों की रिकॉर्डिंग की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आने के साथ यह भी स्पष्ट हो सके कि कहीं इस तरह की गतिविधियां पहले से तो नहीं चल रही थीं। मंदिर परिसर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बताया जा रहा है कि एक कैमरे की फुटेज में आरोपी कर्मचारी मोबाइल फोन के साथ कुछ संदिग्ध वस्तु लेते हुए दिखाई दिया है। जांच टीम पुराने और नए दोनों प्रकार के कैमरों की रिकॉर्डिंग की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आने के साथ यह भी स्पष्ट हो सके कि कहीं इस तरह की गतिविधियां पहले से तो नहीं चल रही थीं।
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बदरीनाथ विधायक बोले, सभी सीसीटीवी फुटेज किए जाएं सार्वजनिक

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के आरोपों को लेकर स्थानीय विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि मंदिर के कपाट खुलने से लेकर अब तक के सभी सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इसकी जवाबदेही लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करनी चाहिए।

ज्योतिर्मठ में पत्रकार वार्ता में बदरीनाथ विधानसभा के विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि पूर्व में भी बीकेटीसी विवादों में रही है। इससे पहले केदारनाथ में सोने के चढ़ावे में भ्रष्टाचार के आरोपों की कोई जांच नहीं हुई। अब बदरीनाथ धाम में भ्रष्टाचार का मामला उजागर हो गया है। यह आस्था पर चोट है। बीकेटीसी के ही उपाध्यक्ष ने अपनी पत्नी को पीए दिखाकर वेतन लिया।

विधायक ने आरोप लगाया कि केंद्र व प्रदेश सरकार की इसमें संलिप्तता है। सरकार के सहयोग के बिना ऐसा कार्य किया जाना संभव नहीं है। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, नगर अध्यक्ष प्रकाश नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष दिगंबर बिष्ट, कमल रतूड़ी, अजीतपाल रावत सहित अन्य कांग्रेसी मौजूद रहे।

बदरीनाथ मंदिर परिसर में किया मौन उपवास

विधायक लखपत बुटोला ने बदरीनाथ मंदिर परिसर में समर्थकों के साथ मंगलवार को मौन उपवास किया। विधायक सोमवार शाम को ही बदरीनाथ पहुंच गए थे। मंदिर में दर्शन करने के बाद वे परिसर में मौन धारण कर बैठ गए। करीब एक घंटे मौन धारण के बाद उन्होंने कहा कि बदरीनाथ मंदिर में दान की रकम में ही हुई हेराफेरी के विरोध में उन्होंने यह मौन उपवास रखा।
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