इस दौरान यातायात बाधित रहने के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत हुई। लंबे समय तक वाहनों में फंसे रहने से यात्रियों को पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी अभाव झेलना पड़ा। स्थानीय लोगों ने बताया कि भनेरपाणी क्षेत्र में आसपास कोई दुकान नहीं होने से यात्रियों को पानी तक उपलब्ध नहीं हो सका।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता तेजवीर कंडेरी ने एनएचआईडीसीएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भूस्खलन क्षेत्र में मलबा और बोल्डर हटाने का कार्य दिन के बजाय रात्रि में किया जाना चाहिए, ताकि चारधाम यात्रा प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि दिन में काम होने से रोजाना लंबा जाम लग रहा है और तीर्थयात्रियों को अनावश्यक परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। स्थानीय लोगों ने भी हाईवे पर यातायात प्रबंधन बेहतर करने की मांग की है।